लारेब हाशमी.. एक शांत बैकबेंचर इंजीनियरिंग छात्र ने बस कंडक्टर पर क्यों किया जानलेवा हमला?

Prayagraj bus conductor attacked: प्रयागराज में एक बस कंडक्टर पर जानलेवा हमला करने वाला बैकबेंचर इंजीनियरिंग छात्र लारेब हाशमी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. पुलिस के मुताबिक़ अरेस्ट करने के दौरान आरोपी की तरफ़ से फ़ायरिंग की गई. जवाबी कार्रवाई के दौरान एक गोली हाशमी के पैर में लगी. जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. फ़िलहाल उसका एसआरएन अस्पताल में इलाज़ चल रहा है. वहीं चापड़ से घायल हुए बस कंडक्टर हरिकेश विश्वकर्मा को भी एसआरएन अस्पताल में ही भर्ती कराया गया है.

असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर अजीत सिंह चौहान ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस हमले को योजना के तहत अंजाम दिया गया है. हाशमी बस में तीन दिन पहले हुए एक घटना से नाराज़ था.

दरअसल तीन दिन पहले एक अन्य बस कंडक्टर (जिसका नाम साजिद बताया जा रहा है) और एक यात्री के बीच किसी मसले पर बहस हुई. इस दौरान हरिकेश ने कथित तौर पर समुदाय विशेष को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की. हाशमी इस बस रूट पर रोज़ाना का यात्री थी. उस दिन भी विवाद के दौरान वह बस में ही मौज़ूद था. हाशमी आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज हो गया और बदला लेने के लिए योजना बनाई.

सोशल मीडिया पर इससे संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. दावा किया गया है कि यह वीडियो घटना के तुरंत बाद की है. इस वीडियो में कॉलेज छात्र ने दावा करते हुए कहा, “कंडक्टर मुसलमानों को गालियां दे रहा था. इसलिए मैंने उसे मारा है. इंशा अल्लाह वो नहीं बचेगा. कोई ये न सोचे कि मोदी या योगी यहां शासन करते हैं. हमारे दिलों पर केवल मुस्तफ़ा राज करते हैं.”

इस बीच लारेब का एक आठ सेकेंड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसके हाथ में तमंचा नज़र आ रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनाइटेड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड रिसर्च में बीटेक फर्स्ट ईयर का छात्र हाशमी को कॉलेज से निलंबित कर दिया गया है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ लारेब को पढ़ाने वाले शिक्षकों का मानना है कि हाशमी बेहद शांत स्वभाव का बैकबेंचर छात्र है. महीने भर पहले ही यूनिवर्सिटी में काउंसलिंग के ज़रिए उसका एडमिशन हुआ था.”

वहीं पुलिस ने लारेब के घर से एक लैपटॉप बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक़ लैपटॉप में कई धार्मिक वीडियो भी मिले हैं. वीडियो के आधार पर पुलिस का दावा है कि लारेब पाकिस्तानी मुस्लिम स्कॉलर ख़ादिम हुसैन रिज़वी से प्रेरित था. इस पूरे मामले को लेकर एटीएस ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है. एटीएस, आइबी सहित दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने लारेब के कथित पाकिस्तानी और जिहादी कनेक्शन को लेकर उससे घटों पूछताछ भी की है.

सोशल मीडिया पर लारेब हाशमी का एक और वीडियो भी वायरल हो रहा है. जिसमें वह कह रहा है कि बस कंडक्टर ने किसी और शख़्स के लिए सार्वजनिक तौर पर जाति सूचक शब्द कहा था. जिसके बाद सारे लोग हंस रहे थे. यह बात उसे अच्छी नहीं लगी. वह सिर्फ़ विरोध करना चाह रहा था लेकिन ग़ुस्से में घटना को अंजाम दिया. मोदी-योगी से नाराज़गी इसलिए है क्योंकि वह ग़ुस्ताख़ लोगों को बचा रहे हैं. 57 सेकेंड के इस वीडियो को आप भी यहां देख सकते हैं.

बीबीसी ने इस घटना के बाद लारेब के गांववालों से बात की. इस दौरान गांववालों ने बताया कि छात्र शांत स्वभाव का है और उसके परिवार के लोगों की अच्छी बातचीत होती है. पता नहीं अचानक क्या हुआ? ये लोग राशन लेने आते थे, हमसे मिलते थे. कभी-कभी लारेब भी आता था. लेकिन हमारी जानकारी में इनके परिवार का किसी धार्मिक संगठन से कोई नाता हो ऐसा हमें नहीं पता.”

वहीं एक पड़ोसी रंजीत यादव ने बताया कि, “परिवार में कोई बुराई नहीं थी, वो गांव के हिंदुओं के साथ मिलजुल कर रहे थे. परिवार का किसी से कोई वाद-विवाद भी नहीं थी. हमसे भी मिलता था तो चाचा कहकर इज्ज़त से बात करता था. लारेब ने हमसे कभी लड़ाई झगड़ा नहीं किया. ये घटना क्यों हुई ये समझ ही नहीं आ रहा है.”

गांव के ही एक युवा पंकज पटेल कहते हैं, “परिवार सीधा-सादा है, लोरेब खुद भी सीधा-सादा लड़का था. लारेब किसी से बात नहीं करता था, वो किसी के घर आता-जाता नहीं था.”

Last Updated on December 3, 2023 4:12 pm

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