CHHATRON KI GOONJ: राहुल गांधी (RAHUL GANDHI) के प्रयागराज में छात्रों से संवाद से कुछ दिन पहले कार्यक्रम के लिए बुक किया गया मैदान अचानक हाथ से निकल गया. कांग्रेस का दावा है कि उसने बाकायदा अनुमति ली थी और ₹51,000 एडवांस भी जमा किए थे, लेकिन अब मैदान का आवंटन रद्द कर दिया गया है.
पहले अनुमति मिली, फिर रद्द हुई बुकिंग
The Indian Express के मुताबिक, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 30 जुलाई को चौधरी नेहाल सिंह क्रिकेट अकादमी मैदान को 4 से 8 अगस्त तक बुक करने के लिए आवेदन दिया था. राहुल गांधी को 8 अगस्त को यहां छात्रों से संवाद करना था.
दस्तावेजों के अनुसार, मैदान के इस्तेमाल की अनुमति पांच दिनों के लिए दी गई थी. पंडाल लगाने और हटाने के साथ सफाई व लेवलिंग के लिए ₹50,000 शुल्क तय हुआ था. कांग्रेस ने NEFT के जरिए ₹51,000 जमा भी किए.
अचानक क्यों रद्द हुई अनुमति?
बुधवार को मैदान का प्रबंधन करने वाले कायस्थ पाठशाला (KP) ट्रस्ट ने अनुमति वापस ले ली.
ट्रस्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि शैक्षणिक गतिविधियां बाधित नहीं होनी चाहिए. उसके मुताबिक, कार्यक्रम से आसपास के दो शिक्षण संस्थानों के छात्रों को परेशानी हो सकती है.
ट्रस्ट ने यह भी कहा कि मानसून के दौरान मैदान को नुकसान पहुंच सकता है और उसे दोबारा ठीक करने में कई दिन लगेंगे. कांग्रेस को कार्यक्रम बारिश के बाद या छुट्टियों में कराने की सलाह दी गई है. साथ ही, जमा की गई रकम वापस करने की बात कही गई.
कांग्रेस ने लगाया BJP पर दबाव का आरोप
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पार्टी के पास पहले से अनुमति थी और एडवांस राशि भी जमा की जा चुकी थी. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई दिक्कत थी तो मैदान पहले बुक ही क्यों किया गया?
राय ने आरोप लगाया कि यह BJP की दबाव बनाने की रणनीति है, क्योंकि वह नहीं चाहती कि राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों से संवाद करें. उन्होंने कहा कि अनुमति मिले या न मिले, राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज आएंगे.
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दूसरा मैदान तलाश रही कांग्रेस
कांग्रेस अब जिला प्रशासन के संपर्क में है और पास के दो अन्य मैदानों में से किसी एक को कार्यक्रम के लिए लेने की कोशिश कर रही है. पार्टी का कहना है कि स्थान बदलेगा, लेकिन कार्यक्रम नहीं.
सवाल यही है- क्या यह सिर्फ बारिश, मैदान और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ा प्रशासनिक फैसला है, या राहुल गांधी के छात्रों से संवाद से पहले राजनीतिक दबाव की कहानी भी इसके पीछे है?
Last Updated on August 6, 2026 10:58 am
