- रजनीश परिहान
पुंछ, 16 अगस्त. जम्मू-कश्मीर के पुंछ में रविवार को आस्था और धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला. वार्षिक बुद्ध अमरनाथ यात्रा (Buddha Amarnath Yatra) के सिलसिले में श्रद्धालुओं ने भव्य त्रिशूल यात्रा निकाली. नव ग्रह मंदिर में त्रिशूल पूजन के साथ शुरू हुई यह यात्रा शहर के प्रमुख इलाकों से होकर कॉलेज ग्राउंड स्थित यात्रा के बेस कैंप पहुंची.
नव ग्रह मंदिर से शुरू हुई यात्रा
कार्यक्रम की शुरुआत नव ग्रह मंदिर में पारंपरिक त्रिशूल पूजन से हुई. बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां जुटे और शिव की पूजा-अर्चना कर शांतिपूर्ण और सफल यात्रा के लिए आशीर्वाद मांगा.
पूजन के बाद त्रिशूल यात्रा शुरू हुई. श्रद्धालु फूलों और झंडों से सजे त्रिशूल लेकर आगे बढ़े और भगवान शिव के जयकारे लगाए.
पुंछ की गलियों से गुजरी त्रिशूल यात्रा
त्रिशूल यात्रा पुंछ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों से होकर गुजरी. इसमें अजोटे, पुरानी पुंछ, खा खानावां, जर्नली मोहल्ला और किला बाजार शामिल रहे.
पूरे रास्ते श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया. धार्मिक नारों और भजनों के बीच यात्रा आगे बढ़ती रही.
कॉलेज ग्राउंड में हुआ समापन
त्रिशूल यात्रा का समापन पुंछ के कॉलेज ग्राउंड में हुआ, जहां बुद्ध अमरनाथ यात्रा के लिए बेस कैंप बनाया गया है. यहां पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और यात्रा के सफल आयोजन की कामना की.
डीसी ने कहा- औपचारिक रूप से शुरू हुई बुद्ध अमरनाथ यात्रा
पुंछ के डिप्टी कमिश्नर अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि वार्षिक बुद्ध अमरनाथ यात्रा आज औपचारिक रूप से शुरू हो गई है.
बुद्ध अमरनाथ भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा है, जिसमें हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. त्रिशूल यात्रा को मुख्य यात्रा से पहले होने वाला महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन माना जाता है.
धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय परंपरा का प्रतीक
सनातन धर्म सभा पुंछ के अध्यक्ष खेतरपाल शर्मा ने कहा कि त्रिशूल यात्रा पुंछ के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उनके मुताबिक, यह आयोजन स्थानीय समुदाय की एकता और धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं और विरासत को भी सामने लाता है.
त्रिशूल यात्रा सिर्फ एक धार्मिक जुलूस नहीं है. यह उस सामुदायिक आस्था की तस्वीर भी है, जिसमें अलग-अलग इलाकों से लोग एक साथ जुटकर सदियों पुरानी परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं.
अब मुख्य यात्रा पर नजर
त्रिशूल यात्रा के साथ बुद्ध अमरनाथ यात्रा का माहौल पूरी तरह तैयार हो चुका है. हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने वाली इस यात्रा में प्रशासन के सामने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी भी होगी.
सवाल यह है कि धार्मिक आस्था और परंपरा के इस बड़े आयोजन के बीच प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा की व्यवस्थाओं को कितनी मजबूती से संभाल पाता है?
Last Updated on August 17, 2026 9:36 am
