CISF Firing में 4 जवानों की मौत, कहासुनी से गोलीबारी तक कैसे पहुंचा विवाद?

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में CISF के Sewa Project पर फायरिंग की घटना में चार जवानों की मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, CISF personnel के बीच कहासुनी के बाद गोलीबारी हुई. चारों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. पुलिस ने घटनास्थल सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है.

Kathua CISF Firing: कहासुनी के बाद चली गोलियां, 4 जवानों की मौत
Kathua CISF Firing: कहासुनी के बाद चली गोलियां, 4 जवानों की मौत

– रजनीश परिहान, जम्मू

CISF Personnel Killed: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मंगलवार शाम CISF कैंप में हुई फायरिंग में चार जवानों की मौत हो गई. घटना बसोहली इलाके के माश्का में स्थित Sewa Hydel Power Project में हुई. अधिकारियों के मुताबिक, CISF personnel के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद गोलीबारी हुई.

Assistant Commandant समेत 4 की मौत

पुलिस और अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग में घायल चार CISF personnel को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में सभी ने दम तोड़ दिया.

मृतकों में Assistant Commandant Ankit Kumar Pandey, Sub-Inspector Lakshman Singh और Constables Sandeep Kumar तथा Mohammad Rafiq शामिल हैं.

कहासुनी के बाद चली गोलियां

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, CISF personnel के बीच किसी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद एक जवान ने कथित तौर पर अपनी service rifle से फायरिंग कर दी.

कुछ रिपोर्टों में आरोपी CISF Head Constable की पहचान Abhidesh Kumar Singh के रूप में की गई है. अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग के बाद उसे काबू में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया गया और इस्तेमाल की गई सर्विस राइफल भी जब्त कर ली गई.

हालांकि, गोलीबारी के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर अभी जांच का विषय है.

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और CISF के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. इलाके को सुरक्षित किया गया और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया गया.

यह इलाका कठुआ जिले के बेहद दूरस्थ हिस्से में है और Sewa Hydel Power Project तक पहुंचने के लिए हिमाचल प्रदेश के रास्ते से जाना पड़ता है. परियोजना की सुरक्षा के लिए CISF की तैनाती की गई थी.

फिलहाल पुलिस और CISF दोनों स्तर पर जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि फायरिंग की पूरी वजह, विवाद की शुरुआत और उसके बाद हुए घटनाक्रम की जांच की जा रही है.

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इस घटना ने सुरक्षा बल के भीतर हुई इस घातक गोलीबारी को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं. अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आखिर वह कौन-सा विवाद था, जो कुछ ही समय में चार CISF personnel की मौत तक पहुंच गया.

Last Updated on September 30, 2026 8:05 am

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