नई दिल्ली। National Investigation Agency (NIA) द्वारा मार्च में गिरफ्तार किए गए US नागरिक Matthew Aaron VanDyke की रिहाई और उन्हें अमेरिका लौटने की अनुमति मिलने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. Congress ने रिहाई की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि इस मामले में US diplomatic pressure की भूमिका हो सकती है. यह आरोप Congress की ओर से लगाया गया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
Myanmar से जुड़े कथित Terror Conspiracy Case में गिरफ्तारी
NIA ने 13 मार्च 2026 को Matthew VanDyke और छह Ukrainian nationals को गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, आरोपी भारत में दाखिल हुए और Northeast के restricted areas में जाने के बाद Myanmar पहुंचे, जहां उनका कथित तौर पर ethnic armed groups से संपर्क हुआ और drone warfare training से जुड़े होने की बात सामने आई.
NIA ने शुरुआत में मामले में Unlawful Activities (Prevention) Act यानी UAPA की धाराएं लगाई थीं. एजेंसी ने आरोप लगाया था कि आरोपी anti-India insurgent groups से जुड़े हो सकते हैं. हालांकि, जांच के दौरान इन आरोपों को अदालत में साबित किया जाना अभी बाकी है.
Chargesheet में UAPA क्यों नहीं लगाया गया?
मामले में बड़ा मोड़ 8 सितंबर को आया, जब NIA ने सातों विदेशी नागरिकों के खिलाफ chargesheet दाखिल की.
इस chargesheet में Immigration and Foreigners Act, 2025 की Sections 21 और 23 लगाई गईं, लेकिन UAPA की धाराएं chargesheet में शामिल नहीं थीं.
NIA ने अदालत को बताया कि UAPA से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है और आगे अगर नए अपराध सामने आते हैं तो supplementary chargesheet दाखिल की जा सकती है.
यानी, जांच एजेंसी ने UAPA investigation को बंद नहीं बताया, लेकिन मौजूदा chargesheet में anti-terror provisions को शामिल नहीं किया.
Court ने Default Bail क्यों दी?
VanDyke को बाद में Delhi की Special NIA Court ने default bail दे दी.
अदालत ने कहा कि NIA की chargesheet “piecemeal” यानी अधूरी थी, क्योंकि Immigration and Foreigners Act के तहत आरोप दाखिल किए गए थे, जबकि UAPA से जुड़ी जांच अभी लंबित थी.
VanDyke को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और जांच पूरी करने की 180 दिन की statutory period 8 सितंबर को समाप्त हो गई. इसी आधार पर अदालत ने default bail का रास्ता खोला.
Default bail का मतलब यह नहीं है कि अदालत ने आरोपी को आरोपों से बरी कर दिया है. यह निर्धारित समयसीमा के भीतर जांच पूरी कर chargesheet दाखिल नहीं होने की स्थिति में कानून के तहत मिलने वाली जमानत है.
VanDyke समेत 7 विदेशियों को देश लौटने की अनुमति
इसके बाद Delhi court ने 24 सितंबर को VanDyke और छह Ukrainian nationals को एक महीने के लिए अपने-अपने देशों की यात्रा करने की अनुमति दे दी.
अदालत ने उनके passports भी release करने का आदेश दिया. रिपोर्टों के मुताबिक, यह अनुमति कुछ शर्तों और formalities के अधीन दी गई थी.
Congress ने US Pressure का आरोप लगाया
VanDyke की रिहाई के बाद Congress ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए.
Congress ने X पर प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने US pressure के आगे झुककर कार्रवाई की. पार्टी ने इसे national security और institutions से जोड़ते हुए सवाल उठाया.
हालांकि, US diplomatic intervention ने VanDyke की रिहाई को प्रभावित किया था या नहीं, इसका कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है. उपलब्ध अदालत के रिकॉर्ड और रिपोर्टों में VanDyke की रिहाई का प्रमुख कानूनी आधार default bail और जांच की निर्धारित समयसीमा से जुड़ा है.
This is a very educative and data-rich thread that clearly shows that the much-hyped Make in India has significantly belied hopes and expectations. The private investment boom has not happened. Broad-based jobs growth has been missing. https://t.co/VwD1vbaba6
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) September 25, 2026
Congress ने Visa और Northeast Travel पर भी सवाल उठाए
Congress ने सिर्फ रिहाई पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि यह भी पूछा कि इन विदेशी नागरिकों को भारत का visa कैसे मिला और वे Northeast के restricted areas तक कैसे पहुंचे?
पार्टी ने यह सवाल भी उठाया कि अगर NIA को आरोपों के मुताबिक इनके Myanmar-based ethnic armed groups से संपर्क और drone training से जुड़े होने की जानकारी मिली थी, तो शुरुआती स्तर पर immigration और security checks में यह गतिविधियां कैसे नहीं पकड़ी गईं.
ये Congress द्वारा उठाए गए सवाल हैं. इनका जवाब सरकार और जांच एजेंसी की ओर से उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा.
सरकार का क्या कहना है?
सरकार की ओर से यह स्थिति रखी गई है कि VanDyke और अन्य आरोपियों के खिलाफ terror-related investigation बंद नहीं हुई है.
NIA ने भी अदालत में कहा था कि UAPA से जुड़े संभावित अपराधों की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर supplementary chargesheet दाखिल की जा सकती है.
ये भी पढ़ें- बैंकों के पास आया 11 लाख करोड़, RBI को चिंता- क्या सस्ता कर्ज बढ़ा सकता है Risk?
यानी इस मामले में फिलहाल दो अलग-अलग बातें सामने हैं – अदालत ने कानूनी समयसीमा के आधार पर default bail दी और विदेश जाने की अनुमति दी, जबकि NIA के मुताबिक UAPA से जुड़ी जांच अभी खुली है.
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस मामले की आगे की जांच में क्या सामने आता है और क्या NIA बाद में UAPA के तहत कोई supplementary chargesheet दाखिल करती है.
Last Updated on September 30, 2026 8:50 am
