Indian Billionaires List: 5 साल में 300 फीसदी बढ़ी भारत में अरबपतियों की संख्या, क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े?

Indian Billionaires List: केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में एक आंकड़ा पेश किया. इसके मुताबिक, भारत में अरबपतियों की संख्या में 300 फीसदी का इजाफा हुआ है. सरकारी आंकड़े क्या कहते हैं?

Indian Billionaires List: 300 फीसदी बढ़ी भारत में अरबपतियों की संख्या, क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े?
Indian Billionaires List: 300 फीसदी बढ़ी भारत में अरबपतियों की संख्या, क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े?

Indian Billionaires List 2026: केंद्र सरकार भारत में आर्थिक समानता पर जोर देती है. सरकार का मानना है कि PM आवास योजना, PM जन धन योजना, PM-किसान और आयुष्मान भारत जैसी जन कल्याणकारी योजनाओं के जरिए आर्थिक विषमता को दूर करने की कोशिश की जा रही है. लेकिन, संसद में पेश हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देश में अरबपतियों की संख्या बढ़ती जा रही है. केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से संसद में अरबपतियों को लेकर जो रिपोर्ट पेश किया उसमें क्या कहा गया? भारत में अरबपतियों की संख्या में कितना इजाफा हुआ है? सरकारी आंकड़े क्या कहते हैं? आर्थिक विषमता को दूर करने के लिए सरकार क्या कर रही है?

100 करोड़ या उससे ज्यादा कमाने वालों की संख्या कितनी?

27 जुलाई को संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आंकड़ा पेश किया गया. आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा सालाना कमाई दिखाने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. वित्त राज्य मंत्री ने संसद में बताया कि असेसमेंट ईयर (AY) 2025-26 में ऐसे 576 टैक्सपेयर्स हैं, जबकि AY 2024-25 में यह संख्या 415 थी.

पिछले 5 साल के आंकड़े क्या कहते हैं?

  • 2021-22: 142 लोग
  • 2022-23: 301 लोग
  • 2023-24: 284 लोग
  • 2024-25: 415 लोग
  • 2025-26: 576 लोग

यानी पांच साल में 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक सालाना आय बताने वालों की संख्या 300 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है.

अरबपतियों की संख्या को लेकर क्या कहा गया?

भारत में अरबपतियों की संख्या को लेकर संसद में सवाल पूछा गया था, जिसको लेकर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आंकड़ा पेश नहीं किया. उन्होंने कहा कि अरबपतियों की कोई कानूनी या आधिकारिक परिभाषा नहीं है. इसलिए उन्होंने सिर्फ उन लोगों का डेटा दिया है, जिन्होंने अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की सालाना आय घोषित की है.

सरकार के पास क्यों नहीं है लोगों की कुल संपत्ति का रिकॉर्ड?

संसद में वित्त रज्या मंत्री ने बताया कि वेल्थ टैक्स 2016 में खत्म कर दिया गया था. इसलिए सरकार अब लोगों की कुल संपत्ति का आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं रखती है.

आर्थिक असमानता को लेकर क्या कहा गया?

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का कहना है कि हाल के सर्वे के मुताबिक ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोग (Consumption) के आधार पर असमानता कुछ कम हुई है. वित्त राज्य मंत्री के मुताबिक, बेरोजगारी दर 2022 में 3.6 फीसदी से घटकर 2025 में 3.1 प्रतिशत हो गई. जबकि, 2013-14 से 2022-23 के बीच करीब 24.82 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए.

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आर्थिक असमानता कम करने के लिए सरकार क्या कर रही है?

  • ज्यादा कमाई करने वालों पर अतिरिक्त सरचार्ज लगाया जाता है.
  • रोजगार, स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर को टैक्स में राहत दी जा रही है.
  • प्रधानमंत्री आवास योजना, जन धन योजना, पीएम-किसान, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के जरिए गरीब और मध्यम वर्ग को सहायता दी जा रही है.

संसद में पेश आंकड़ों भारत में 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा सालाना कमाई बताने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. हालांकि, सरकार के पास देश के अरबपतियों या उनकी कुल संपत्ति का आधिकारिक डेटा नहीं है, इसलिए देश में वास्तविक संपत्ति कितनी बढ़ी है, इसकी पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं है.

Last Updated on July 29, 2026 11:35 am

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