Tree poisioning: मुंबई से सटे नवी मुंबई के CBD Belapur इलाके में कम से कम 20 पुराने और परिपक्व पेड़ों को कथित तौर पर जहर देकर सुखाने की कोशिश का मामला सामने आया है. पर्यावरण कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पेड़ों के तनों में छेद करके उनमें किसी संदिग्ध केमिकल को इंजेक्ट किया गया. मामले के बाद Navi Mumbai Municipal Corporation यानी NMMC से तत्काल जांच की मांग की गई है.
पेड़ों के तनों में छेद, छाल क्षतिग्रस्त और केमिकल के निशान का दावा
इन पेड़ों का निरीक्षण Parsik Greens के पर्यावरण कार्यकर्ताओं परमदीप ग्रेवाल और विष्णु जोशी ने किया. ये पेड़ NRI Coastal Police Station के पीछे और NMMC मुख्यालय के सामने स्थित हैं.
कार्यकर्ताओं के मुताबिक, कई पेड़ों के तनों में छेद दिखाई दिए. उनकी छाल और निचले हिस्से को भी नुकसान पहुंचा था. कार्यकर्ताओं ने वहां किसी संदिग्ध रासायनिक पदार्थ के निशान मिलने का दावा किया.
परमदीप ग्रेवाल ने कहा कि प्रभावित पेड़ों से उन्हें तरल पदार्थ बाहर निकलता हुआ साफ दिखाई दिया. वहीं विष्णु जोशी के मुताबिक, मौके पर उन्हें एक तेज और खराब केमिकल जैसी गंध महसूस हुई.
जोशी ने आरोप लगाया कि पेड़ों की छाल और निचले हिस्से को जानबूझकर तोड़ा गया, ताकि उसमें किसी पदार्थ को इंजेक्ट किया जा सके. उनका यह भी दावा है कि इन पेड़ों पर ऐसे Survey Numbers दिखाई देते हैं, जो संभवतः नगर निकाय की ओर से दर्ज किए गए हैं.
NMMC से जांच की मांग
NatConnect Foundation के निदेशक बी. एन. कुमार ने मामले की जानकारी NMMC Commissioner और City Engineer को दी है. उन्होंने पेड़ों का तत्काल निरीक्षण कराने और पूरे मामले की जांच की मांग की है.
कुमार ने आशंका जताई कि पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के पीछे किसी के निजी हित (vested interests) हो सकते हैं.
उन्होंने कहा, “पेड़ों को खत्म करने के लिए निजी हित रखने वाले लोग सक्रिय हो सकते हैं.”
वहीं BJP corporator नेत्रा शिर्के ने कहा कि वह मामले की जांच करवाएंगी.
Garden Department पर भी सवाल
पेड़ों को बचाने की मांग को लेकर पर्यावरण प्रेमियों का एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ नगर निगम अधिकारियों से मिला. इसमें परमदीप ग्रेवाल और अनरजीत चौहान भी शामिल थे. हालांकि, कार्यकर्ताओं का आरोप है कि NMMC के Garden Department के अधिकारियों ने मामले पर स्पष्ट जवाब देने के बजाय टालमटोल किया.
Kille Gaothan निवासी परमदीप ग्रेवाल ने पेड़ों की सुरक्षा और कार्रवाई की मांग को लेकर Signature Campaign भी शुरू किया है.
अब सवाल सिर्फ इन 20 पेड़ों का नहीं है. यह मामला नवी मुंबई के तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच Green Cover और पुराने पेड़ों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा करता है.
बड़े पेड़ आखिर इतने जरूरी क्यों हैं?
पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक, परिपक्व पेड़ धूल और प्रदूषण कम करने, आसपास के तापमान को नियंत्रित रखने, छाया देने और Biodiversity यानी जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
बी. एन. कुमार ने 3-30-300 Rule का भी जिक्र किया. इस सिद्धांत के मुताबिक हर घर से कम से कम तीन पेड़ दिखाई देने चाहिए, शहर के मोहल्लों में करीब 30 प्रतिशत Tree Canopy यानी पेड़ों की छतरी होनी चाहिए और लोगों को 300 मीटर के भीतर गुणवत्तापूर्ण Green Space उपलब्ध होना चाहिए.
परमदीप ग्रेवाल ने कहा कि जिस जगह यह सब हो रहा है, वह NMMC मुख्यालय के लगभग सामने है. ऐसे में नगर निगम इस मामले को नजरअंदाज नहीं कर सकता.
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अब असली सवाल यह है कि क्या पेड़ों के तनों में वास्तव में कोई रासायनिक पदार्थ डाला गया था? अगर जांच में इसकी पुष्टि होती है, तो 20 परिपक्व पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के पीछे कौन है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? पर्यावरण कार्यकर्ता चाहते हैं कि NMMC तत्काल वैज्ञानिक जांच कराए और प्रभावित पेड़ों को आगे होने वाले नुकसान से बचाए.
Last Updated on September 16, 2026 9:37 am
