Cash vs UPI: खर्च से हैं परेशान? पैसा बचाने का नया तरीका जान लीजिए

Cash vs UPI payment: आजकल यूपीआई पेमेंट का चलन काफी बढ़ गया है. अधिकांश लोग UPI के जरिए रोजमर्रा की चीजों पर खर्च करते हैं. लेकिन, पैसा बचाने का नया तरीका आपके काम आएगा.

Cash vs UPI: खर्च से हैं परेशान? पैसा बचाने का नया तरीका जान लीजिए
Cash vs UPI: खर्च से हैं परेशान? पैसा बचाने का नया तरीका जान लीजिए

Cash vs UPI payment: वैसे तो डजिटल पेमेंट के दौर में आजकल अधिकांश लोग हर छोट-बड़े खर्च के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन खर्च पर नियंत्रण को लेकर दिल्ली के एक कंटेंट क्रिएटर का एक प्रयोग सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. महिला कंटेंट क्रिएटर ने एक वीडियो में बताया कि कैसे कैश के इस्तेमाल से खर्च पर लगाम लगा. महंगाई के दौर में हर कोई जानना चाहेगा पैसा बचाने का नायाब तरीका क्या है? आइए जानते हैं.

UPI की बजाय कैश का इस्तेमाल

सदाफ ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने बताया कि वह तीसरे महीने में भी अधिकतर खरीदारी के लिए UPI की बजाय कैश का इस्तेमाल कर रही हैं. उनका कहना है कि कैश से भुगतान करने पर उन्हें साफ पता चलता है कि पैसा कहां और कितना खर्च हो रहा है.

UPI के इस्तेमाल से क्या दिक्कत हुई?

सदाफ़ के मुताबिक, UPI से पेमेंट करना इतना आसान होता है कि कई बार लोग बिना सोचे-समझे बार-बार पैसे खर्च कर देते हैं. कॉफी, स्नैक्स या ऑनलाइन शॉपिंग जैसे छोटे-छोटे खर्च मिलकर कब 1,000 रुपये या उससे ज्यादा हो जाते हैं, इसका एहसास ही नहीं होता.

 

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कैश इस्तेमाल करने से क्या बदलाव आया?

उन्होंने बताया कि जब वह 500 रुपये का नोट देकर पेमेंट करती हैं, तो उन्हें तुरंत महसूस होता है कि उनके पर्स से कितने पैसे निकल गए और कितने बचे हैं. इससे उन्होंने फिजूल खर्च कम किया और अपने बजट पर कंट्रोल कर लिया. साथ ही, बार-बार बैंकिंग ऐप खोलकर बैलेंस देखने की जरूरत भी नहीं पड़ती.

क्या पूरी तरह कैश इस्तेमाल करना आसान है?

सदाफ़ ने माना कि पूरी तरह कैश पर निर्भर रहना आसान नहीं है. कई बार बिल 470 रुपये का होता है, लेकिन अगर पास में सिर्फ 500 रुपये का नोट हो और दुकानदार के पास छुट्टे न हों, तो परेशानी हो सकती है.

उन्होंने क्या तरीका अपनाया?

इस वजह से सदाफ ने एक नया तरीका अपनाया. अब वह अपने पैसे का करीब 80 फीसदी हिस्सा कैश में और 20 प्रतिशत हिस्सा UPI में रखती हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर डिजिटल पेमेंट भी कर सकें.

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इस प्रयोग से सीखने को क्या मिला?

सदाफ़ का कहना है कि कैश रखने और छुट्टे पैसे संभालने में थोड़ी दिक्कत जरूर होती है, लेकिन इस प्रयोग ने उनके खर्च करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है. अब वह पहले की तरह हर खर्च के लिए सिर्फ UPI पर निर्भर रहने का इरादा नहीं रखती हैं.

Last Updated on August 1, 2026 4:15 pm

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