मणिपुर सीएम बीरेन सिंह ने दिया इस्तीफ़ा, क्या कांग्रेस के इस प्लान से मजबूर हुई BJP?

Manipur CM Resigns: क़रीब डेढ़ साल तक हिंसा झेलने वाले मणिपुर में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है. मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. रविवार शाम सीएम बीरेन सिंह ने राजभवन जाकर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाक़ात की और उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंपा.

समाचार एजेंसी ANI ने एक तस्वीर पोस्ट किया है. जिसमें उनके साथ बीजेपी प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा के साथ प्रदेश के अन्य नेता भी राजभवन में मौजूद हैं. तस्वीर पोस्ट करते हुए समाचार एजेंसी ने लिखा है कि बीरेन सिंह ने राजभवन जाकर अपना इस्तीफ़ा सौंपा है.

मुख्यमंत्री ने अपने इस्तीफ़े में लिखा, ”अब तक मणिपुर के लोगों की सेवा करना सम्मान की बात रही है.”

दरअसल बीरेन सिंह के खिलाफ कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना रही थी. जानकारी मिली है कि इस योजना में सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों का भी समर्थन था.

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफ़े को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, “बीजेपी के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने क़रीब दो साल तक मणिपुर में विभाजन को उकसाया. पीएम मोदी ने मणिपुर में हिंसा, जान की हानि और ‘भारत के विचार’ के विनाश के बावजूद उन्हें पद पर बने रहने की अनुमति दी.”

उन्होंने आगे लिखा, “मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के इस्तीफे़ से पता चलता है कि बढ़ते सार्वजनिक दबाव, सुप्रीम कोर्ट की जांच और कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव ने उन्हें मजबूर किया है.”

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए लिखा, “पीएम मोदी को एक बार मणिपुर जाना चाहिए, लोगों की बात सुननी चाहिए. उन्हें राज्य में हालात सुधारने के लिए अपनी योजना को समझाना चाहिए.”

उन्होंने यह भी लिखा कि मणिपुर में शांति बहाल करना और वहां के लोगों के घावों को भरने के लिए काम करना, उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

Last Updated on February 10, 2025 7:37 am

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