‘पहलगाम के हमलावर आतंकवादी मारे गए’, गृह मंत्री अमित शाह ने सदन के अंदर झूठ बोला?

विश्व दीपक

गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बड़े आत्मविश्वास से, सीना ठोककर देश की संसद को बताया कि पहलगाम (Pahalgam Attack) के हमलावर आतंकवादी मारे गए हैं. उन्होंने संसद को यह भी बताया कि मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तान की चॉकलेट, आईकार्ड, बंदूक और कारतूस आदि बरामद हुए जिसकी बाकायदा प्रयोगशाला में जांच [बयान देने से पहले] करवाई गई थी.

भ्रष्ट टीवी मीडिया ने इसका जमकर प्रचार किया. सुधीर चौधरी, चित्रा त्रिपाठी से लेकर अंजना, अरनब तक सब उस दिन भक्ति भाव से नाच रहे थे. सबने लाउड स्पीकर लगाकर अमित शाह के संसद में बोले गए झूठ को प्रसारित किया. निजी तौर पर भी. मीडिया के तौर पर भी.

अब सेना ने कहा है कि पहलगाम के हमलावर आतंकवादियों की पहचान के बारे में जो खबरें चलाई गईं, उसे सेना ने प्रमाणित नहीं किया.

सवाल यह है कि गृह मंत्री अमित शाह ने किस आधार पर संसद में बयान दिया था? क्या उन्होंने बयान देने से पहले सेना से बात की थी? अगर हां, तो क्या अब सेना झूठ बोल रही है? अगर नहीं की थी तो क्या अमित शाह ने जानबूझकर देश की संसद को गुमराह किया? झूठ बोला?

यह मज़ाक नहीं. क्या यह ब्रिटेन, यूरोप या किसी दूसरे लोकतांत्रिक देश में यह हो सकता है? भारत पूरी तरह से केला गणतंत्र बन चुका है.

वर्ना इस देश का गृह मंत्री कहीं यहां-वहां नहीं, किसी राजनीतिक रैली में नहीं बल्कि संसद के अंदर, वह भी पहलगाम आतंकवादी हमले जैसे गंभीर मुद्दे पर झूठ बोलने की हिम्मत नहीं करता.

लेखक पत्रकार हैं और वर्तमान में नेशनल हेराल्ड में कार्यरत हैं. उनके फेसबुक पेज से… 

Last Updated on August 6, 2025 11:31 am

Related Posts