PM modi China Visit: “चीन का दबदबा, मोदी सरकार की चुप्पी… यही है ‘न्यू नॉर्मल’?”

4 जुलाई, 2025 को उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के साथ चीन की जुगलबंदी पर जोरदार और स्पष्ट रूप से बात की. मगर इस अशुभ गठजोड़ पर ठोस प्रतिक्रिया देने के बजाय, मोदी सरकार ने इसे नियति मानकर चुपचाप स्वीकार कर लिया और अब चीन को राजकीय दौरों से पुरस्कृत कर रही है.

PM Modi के चीनी दौरे पर उठ रहे सवाल?
PM Modi के चीनी दौरे पर उठ रहे सवाल?

कांग्रेस पार्टी ने PM modi China Visit को लेकर आरोप लगाया है कि भारत पर चीन से रिश्ते सामान्य करने का दबाव डाला जा रहा है। पार्टी का कहना है कि सरकार चीन के दबाव में झुक रही है और पड़ोसी मुल्क इसका सीधा फायदा उठा रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया जापान और चीन दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन की भूमिका को भुला दिया है?

जयराम रमेश का कहना है कि सब कुछ चीन की शर्तों पर और उसके दबाव में किया जा रहा है।कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि चीन भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में आई गिरावट का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। उनका आरोप है कि भारत सरकार की चुप्पी और चीन से समझौते की कोशिशें, देश की सुरक्षा और विदेश नीति दोनों को कमजोर कर रही हैं।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश एक्स पेज पर लिखते हैं..

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाक़ात हुई। लेकिन इस मुलाक़ात को सिर्फ़ दोस्ताना तस्वीरों और बयानों से नहीं, बल्कि पुराने घटनाक्रम को देखते हुए समझना होगा।

गलवान घाटी और मोदी की “क्लीन चिट”

जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के सैनिकों ने हमला किया था। इसमें हमारे 20 बहादुर जवान शहीद हो गए। लेकिन 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने बयान दिया कि चीन ने हमारी सीमा में घुसपैठ नहीं की। यह बयान आज भी सवाल खड़ा करता है कि जवानों की शहादत के बाद चीन को क्लीन चिट क्यों दी गई?

सेना की मांग और सरकार की चुप्पी

सेना प्रमुख ने साफ कहा था कि चीन के साथ सीमा पर “यथास्थिति” बहाल होनी चाहिए यानी हालात वैसे ही हो जाएं जैसे झगड़े से पहले थे। लेकिन यह अब तक नहीं हो पाया। इसके बावजूद सरकार चीन से बातचीत और मेल–मिलाप की कोशिश करती रही, जिससे चीन की ज़िद और आक्रामक रवैये को और ताक़त मिली।

चीन–पाकिस्तान की जुगलबंदी

4 जुलाई 2025 को सेना के उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने खुलकर कहा कि पाकिस्तान और चीन मिलकर भारत को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस पर भी मोदी सरकार ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। उल्टा अब चीन के राष्ट्रपति का स्वागत राजकीय दौरे पर किया जा रहा है।

नॉर्थ-ईस्ट पर खतरा

चीन ने ब्रह्मपुत्र (यारलुंग त्संगपो) नदी पर बहुत बड़ी हाइड्रो प्रोजेक्ट बनाने का ऐलान किया है। इससे हमारे उत्तर–पूर्वी राज्यों पर पानी की समस्या और आपदा का ख़तरा बढ़ सकता है। लेकिन भारत सरकार ने इस मुद्दे पर कोई सख़्त बयान तक नहीं दिया।

चीन से आयात का संकट

चीन से सस्ते सामान की बाढ़ भारत में आ चुकी है। इससे हमारी छोटी–छोटी फैक्ट्रियां और कारोबारी (MSME सेक्टर) बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। दुनिया के कई देशों ने चीनी सामान पर रोक लगाई, लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया। उल्टा चीन से आयात लगातार बढ़ता जा रहा है।

बड़ा सवाल

क्या “नया सामान्य” यही है कि चीन आक्रामकता दिखाता रहे और हमारी सरकार चुपचाप सिर झुकाती रहे? क्या जवानों की शहादत, सेना की चेतावनी और जनता के हितों को भुलाकर सरकार चीन को पुरस्कृत कर रही है?

Last Updated on August 31, 2025 12:05 pm

Related Posts