नई दिल्ली, 15 सितंबर।
Bihar Election: कांग्रेस ने दावा किया है कि बिहार सरकार ने भागलपुर जिले के पीरपैंती में उद्योगपति गौतम अडानी को महज़ 1 रुपये प्रतिवर्ष की दर से 1,050 एकड़ जमीन और 10 लाख पेड़ सौंप दिए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह जमीन जबरन किसानों से छीनी गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ‘दोस्त’ के लिए बिहार को लूट रहे हैं।
पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस जमीन पर 2,400 मेगावाट का पावर प्लांट लगाया जाएगा, जिसकी लागत करीब 21,400 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह डील 33 साल के लिए की गई है और इसमें आम, लीची और सागवान जैसे लाखों पेड़ भी शामिल हैं।
खेड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा,
“बिहार की जमीन, कोयला और पेड़ अडानी को दे दिए गए। अब बिहार की जनता को इसी बिजली के लिए 6.075 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा, जबकि महाराष्ट्र और यूपी में यह दर 3 से 5 रुपये है। यानी लूट बिहार से और मुनाफा अडानी का।”
किसानों को नजरबंद करने का आरोप
कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के बिहार दौरे के दौरान विरोध की आशंका से कई किसानों को नजरबंद कर दिया गया, ताकि वे अपनी बात न रख सकें। खेड़ा ने कहा कि यह सौदा बिहार की जनता के साथ “डबल लूट” है—पहले जमीन छीनी गई, फिर बिजली महंगी बेची जाएगी।
‘अडानी को चुनावी इनाम’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि हर बार जब भाजपा को हार का डर होता है, तब अडानी को बड़े प्रोजेक्ट्स दिए जाते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, झारखंड और छत्तीसगढ़ के उदाहरण गिनाते हुए कहा कि यह पैटर्न अब साफ दिख रहा है।
मुफ्त बिजली योजना पर सवाल
बिहार सरकार के 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने के ऐलान पर भी खेड़ा ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सुविधा टैक्सपेयर के पैसे से दी जाएगी, जबकि अडानी को तो 6.075 रुपये प्रति यूनिट मिलेंगे।
“यह सीधे-सीधे जनता की जेब से पैसा निकालकर अडानी की तिजोरी भरने जैसा है।”
प्रोजेक्ट रद्द करने की मांग
कांग्रेस ने इस सौदे को “घोर कलयुग” बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की। खेड़ा ने कहा कि अगर बिहार में कांग्रेस की सरकार बनी, तो इस तरह के सौदों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Last Updated on September 15, 2025 3:14 pm
