PM Modi को Amit Shah पर भरोसा नहीं क्या, गृह मंत्रालय नहीं RAW चीफ देखेंगे सुरक्षा?

PM Modi के एक फैसले को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या उन्हें अपने ही गृहमंत्रालय पर भरोसा नहीं है? दिल्ली में ब्लास्ट हुआ. कई लोगों की जान गई। शरीर के चिथड़े दो दिन पहले तक समेटे जाते रहे. Amit Shah के नेतृत्व वाली गृह मंत्रालय ने कठोर कार्रवाई करते हुए पुलवामा में आतंकी उमर के घर पर बुलडोजर चलवा दिया। उमर वही आतंकी है जिसने दिल्ली में विस्फोटक से भरी कार को उड़ाया। लेकिन लगता है प्रधानमंत्री मोदी को Amit  Shah की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है।

दिल्ली में हुए कार धमाके (Delhi Car Blast) के बाद केंद्र सरकार ने 12 नवंबर को सुरक्षा से जुड़ी एक अहम कैबिनेट बैठक बुलाई। बताया गया कि इस बैठक में कई निर्णय लिए गए, लेकिन सबसे बड़ा और चर्चित फैसला भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी R&AW से जुड़ा है।

सरकार ने RAW चीफ पराग जैन को अब कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया है। यह पद प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है। 31 जुलाई से यह पद खाली चल रहा था, इसलिए दिल्ली धमाके के बाद यह नियुक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को डरपोक बताते हुए एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें बताया जा रहा है कि ट्रक के टायर फटने के बाद कैसे गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी डर गए थे.

समर अनार्या नाम के सीनियर पत्रकार ने इस घटना पर लिखा है- ‘दिल्ली में एक आतंकी हमला हुआ और पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी अमित शाह से छीन ख़ुद अपने हाथ में ले ली- रॉ सीधे पीएम को रिपोर्ट करता है! बाक़ी आवास के पास टायर फटने पर भाग जाने वाले आदमी से और उम्मीद भी क्या की जा सकती है! अरविंद केजरीवाल ने इसे ठीक ही कायर और मनोरोगी कहा था!’

कौन हैं IPS पराग जैन? ‘सुपर जासूस’ की पहचान वाले अधिकारी

पराग जैन पंजाब कैडर के 1989 बैच के IPS अधिकारी हैं। उन्हें 1 जुलाई 2025 को RAW का मुखिया बनाया गया, जबकि उनकी नियुक्ति की घोषणा 28 जून को ही हो गई थी।

पंजाब में आतंकवाद विरोधी कई अभियानों में पराग जैन की भूमिका अहम रही है। बठिंडा, मनसा और होशियारपुर जैसी जगहों पर उन्होंने बड़े ऑपरेशनों को लीड किया। वह चंडीगढ़ के SSP और लुधियाना रेंज के DIG भी रह चुके हैं।

इंटेलिजेंस सर्किल में उन्हें ‘सुपर जासूस’ कहा जाता है, क्योंकि वे HUMINT (मानव स्रोतों से इंटेलिजेंस) और TECHINT (तकनीकी माध्यमों से इंटेलिजेंस) दोनों में महारथ रखते हैं। उनका खुद का नेटवर्क बेहद मज़बूत माना जाता है, जिसकी वजह से वे कई संवेदनशील मामलों में सटीक जानकारी जुटाने के लिए जाने जाते हैं।

RAW का डायरेक्टर बनने से पहले पराग जैन Aviation Research Centre (ARC) के प्रमुख थे—जहाँ हवाई निगरानी, IMINT, बॉर्डर मॉनिटरिंग और फोटो रिकॉनसेंस जैसे हाई-टेक ऑपरेशंस संभाले जाते हैं।

पराग जैन ऑपरेशन सिंदूर में भी ग्राउंड इंटेलिजेंस जुटाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं।

नई जिम्मेदारी: PM की सुरक्षा से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा को-ऑर्डिनेशन तक

नई नियुक्ति के तहत पराग जैन अब कैबिनेट सचिवालय के सचिव (सुरक्षा) होंगे। यह पद देश के सुरक्षा ढांचे का एक प्रमुख केंद्र है।

इस पद की जिम्मेदारियां—

  • SPG का प्रशासनिक नेतृत्व (PM और उनके परिवार की सुरक्षा)

  • राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों में को-ऑर्डिनेशन

  • देश की सभी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था एजेंसियों के बीच तालमेल सुनिश्चित करना

  • VVIP सिक्योरिटी प्रोटोकॉल की निगरानी

दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद माना जा रहा है कि विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। पराग जैन की नियुक्ति को इसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

दिल्ली ब्लास्ट के बाद क्यों अहम है यह फैसला?

दिल्ली के सेंसिटिव ज़ोन में हुए कार धमाके के बाद कई एजेंसियों ने इसे संभावित आतंकी एंगल से जोड़कर जांच शुरू की है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में RAW, IB, दिल्ली पुलिस, NIA और SPG के बीच तेज़ और सटीक को-ऑर्डिनेशन ज़रूरी है।

सरकार का यह फैसला इसी जरूरत को पूरा करता दिखाई देता है।

Last Updated on November 14, 2025 9:45 am

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