– नितिन ठाकुर
Strait of Hormuz Crisis: जीत के दावे और दोस्तो से मदद का आग्रह करते ट्रंप (Trump) बुरी तरह चिढ़े हुए हैं और अब धमकाने पर उतर आए हैं। शुरूआती कुछ घंटों में बढ़त बनाने के बाद ट्रंप को समझ आ चुका है कि ईरान वाकई वेनेज़ुएला नहीं था। खामेनेई की मौत ईरान (Iran) का पतन साबित नहीं हुई। उलटा इसने ट्रंप के सामने मुसीबतों का पिटारा खोल दिया। पिछली हरेक जंग की तरह ईरान का ये युद्ध (Iran War) भी अमेरिका के लिए दलदल साबित होता दिख रहा है।
ट्रंप नाटो सहयोगियों से पूछ रहे हैं कि क्यों हॉर्मूज़ में हमारी मदद के लिए नहीं आ रहे, जबकि तेल तुमको भी चाहिए!! चेता रहे हैं कि मदद के लिए नहीं आए तो नाटो का भविष्य काफी बुरा होगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में अमेरिका ने मदद की है तो अब यूरोपियन देशों को उनकी मदद करनी चाहिए। उनकी दलीलों पर कुछ लोग हंस रहे हैं।
ट्रंप की सैन्य मदद की गुहार पर जापान मुकर चुका, ऑस्ट्रेलिया ने कन्नी काट ली और ब्रिटेन – फ्रांस भी अपनी नेवी भेजने से मना कर रहे हैं। यहां तक कि यूएस की नेवी खुद हॉर्मूज़ के आसपास जाने से बच रही है। ट्रंप चीन को भी बोल रहे हैं अगर उस ने मदद ना की तो वो चीनी दौरे पर नहीं जाएंगे। इस बीच चीन ने खेल कर दिया।
द टेलीग्राफ के मुताबिक ईरान उन जहाज़ों को हॉर्मूज़ से गुज़रने देगा जो चीनी युआन में व्यापार करने को तैयार हैं। साफ है कि पेट्रो डॉलर को अड़ंगी देने की कोशिश हो रही है जिसकी कल्पना भर से अमेरिका सहम जाता है। अब ट्रंप अरब देशों से भी युद्ध में कूदने की अपेक्षा कर रहे हैं।
एयर फोर्स वन में इंटरव्यू दे रहे ट्रंप कह रहे हैं कि जिनके लिए हम लड़ रहे हैं वो देश अपनी सरहदों के लिए लड़ें, यानि सऊदी अरब और यूएई जैसे देश। साफ है कि वो शेखों से उम्मीद कर रहे हैं कि ज़मीन पर वो ऑपरेशन शुरू करें जबकि ईरान के दिए ताज़ा ज़ख्मों को सहलाते शेख जंग से दूरी बनाना चाहते हैं।
हालात ये हैं कि एक तिहाई यूएस नेवी हॉर्मूज़ नहीं खुलवा पा रही।अलबत्ता भारत का जहाज़ शिवालिक एलपीजी लेकर मुंद्रा पर लंगर डाल चुका।
(लेखक सीनियर पत्रकार हैं और News 24, TV 9 Bharatvarsh, Zee News और Aajtak जैसे कई संस्थानों में काम कर चुके हैं. मौजूदा दौर में एक निजी चैनल के पॉडकास्ट विभाग का कार्यभार संभाल रहे हैं और ‘पढ़ाकू नितिन’ नाम से एक प्रसिद्ध कार्यक्रम का संचालन कर रहे हैं.)
Last Updated on March 16, 2026 9:04 pm
