RJD प्रवक्ता प्रियंका भारती का सवाल- SIR से लोकतंत्र का शुद्धिकरण या वोट चोरी?

देश की राजनीति में इस समय मतदाता सूची (Voter List) को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या चुनाव आयोग की लिस्ट सचमुच पारदर्शी और भरोसेमंद है? बिहार से लेकर दिल्ली तक चर्चा है कि लाखों नाम काटे गए, तो हजारों नए नाम अचानक जुड़ भी गए. यही नहीं, कई मतदाताओं का नाम ऐसे घरों से जुड़ा मिला जो असल में मौजूद ही नहीं हैं. विपक्ष चुनाव आयोग और सत्ता पक्ष पर सवाल दाग रहा है, जबकि जनता के मन में शक गहराता जा रहा है. RJD प्रवक्ता प्रियंका भारती (Priyanka Bharti) ने इसी को लेकर अपने एक्स हैंडल पर कुछ लिखा है, जो हूबहू नीचे लिखा जा रहा है.

एंकर- इंतज़ार कर लीजिए थोड़ा !

प्रियंका भारती- इंतज़ार करते रहते तो जिन 65 लाख लोगों के नाम काटे गए उनको कभी पता नहीं चलता की उनके नाम क्यों काटे गए! तीन दिनों से मैं ये सवाल पूछ रही थी “अनुराग ठाकुर से शपथ पत्र क्यों नहीं मांगा गया. वही सवाल राहुल जी ने कल बिहार में पूछा”

एंकर :- सवाल छोड़ दीजिए ये!

प्रियंका भारती- हम छोड़ दिए क्योंकि हमको पता है कि अनुराग ठाकुर सत्ता पक्ष में है इसलिए उनसे कोई सवाल जवाब नहीं किए जाएंगे लेकिन इस सवाल का जवाब देना होगा कि भाजपा का प्रदेश महामंत्री जो लोकसभा चुनाव में गुजरात का वोटर रहा भीखू भाई वो बिहार का वोटर कैसे बन गया और उसके घर के आगे क्यों कोई पता नहीं लिखा है, क्या वो भी बहुत ग़रीब है? एक और गंभीर मसला है कि पीपरा विधानसभा में दो घर ऐसे हैं गलीमपुर गाँव में जिसमें 1 घर में 500 ज़्यादा लोग हैं दूसरे में 450+! अब इंट्रेस्टिंग बात ये है कि इस घर के आगे 000 नहीं लिखा लेकिन जो नंबर वोटर लिस्ट में लिखा है वो EXIST ही नहीं करता!

तो अब सवाल ये बनता है की SIR से शुद्धिकरण हो रहा तो बिहार के तीन विधानसभा क्षेत्रों पिपरा, बगहा और मोतिहारी में जांच में 3,590 ऐसे मामले कैसे सामने आए जहां चुनाव आयोग ने एक ही पते पर 20 या उससे ज़्यादा लोगों का पंजीकरण किया है? कई मामलों में तो घर ही नहीं थे। हैरानी की बात ये भी है कि ECI ने इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 80,000 से ज़्यादा मतदाताओं का पंजीकरण इसी तरह किया है.

सवाल -अब चुनाव आयोग और क्या करे?

प्रियंका भारती- “सिवाय थेथरलॉजी के वो कर भी क्या रहे थे! बोलते है जिनके पास घर नहीं है उनका मकान संख्या 00 कर दिया, मतलब BJP महामंत्री गुजराती भिखू भाई इतने गरीब है? ऐसे कितने भीखू भाई है. CCTV पर पहले कहते थे कि 3 हजार साल लग जाएंगे देखने में, अब कह रहे है बहन, बेटी, बहु का कैसे जारी करे! ये कैसी भाषा है? SIR पर बोले कि घर- घर हम पहुंचे ताकि कोई मृत वोटर न बन पाए मगर वो जिंदा होकर सुप्रीम कोर्ट कैसे पहुंच गए? बंगाल SIR के सवाल पर बोलते है कि हम तय कर लेंगे, मतलब विपक्ष और सत्ता पक्ष की भागीदारी के बिना कुछ भी कर लेंगे आप! ये तानाशाह की भाषा है! ज्ञानेश कुमार अपने आप को खुदा नहीं तो खुदा से कम भी नहीं समझते है!

Last Updated on August 19, 2025 8:42 am

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