मजबूरी का नाम PM Narendra Modi! Trump खोखले जुमलों का फ़ायदा उठा रहा है?

विश्व दीपक
अगर मजबूरी का कोई चेहरा होता होता तो वह यकीनन पी एम श्री नरेंद्र मोदी (PM narendra Modi) जैसा होगा. बिल्डर ट्रंप (Donald Trump) जो दुर्भाग्य से अमरीका का राष्ट्रपति भी है, रोज भारत की बेइज्जती करता है लेकिन 140 करोड़ की आबादी वाले देश का प्रधानमंत्री चुप है. आखिर क्या वजह होगी? पहली बार देख रहा हूं कि अमरीका ने भारत पर दंडात्मक टैरिफ लगाया है. फिर भी दुनिया के सबसे विशाल लोकतंत्र का मुखिया चुप है.
सिर्फ मोदी ही नहीं उनकी पूरी कैबिनेट की जुबान पर भी ताला लग चुका है. बीजेपी में ऐसे लोगों की कमी नहीं जो बोलकर ही ब्रह्मोस मारते हैं लेकिन ‘माई फ्रेंड’ का मामला है इसलिए सब विपश्यना करने चले गए.
जवाब देने की जिम्मेदारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल पर छोड़ दी. जायसवाल जी के मंत्रालय ने जिस भाषा में जवाब दिया है उसे पढ़िए. अगर आपके अंदर आत्मसम्मान का एक तिनका भी बचा है तो शर्म से आपका सिर झुक जाएगा.
क्या ट्रंप की दादागिरी के विरुद्ध भारत का जवाब ऐसा ही होना चाहिए? उस भारत का जो यह अपेक्षा रखता है कि दुनिया उसे गंभीरता से ले? झूठा की सही जो विश्वगुरु बनाने का डंका पीटता है वह अपने खिलाफ हो रही गुंडा गर्दी का जवाब इस मिमियाती हुई भाषा में देगा?
इतना रद्दी और मरा हुआ रिस्पॉन्स वही मुल्क दे सकता है जिसने अपनी संप्रभुता गिरवी रख दी है. जिसका आत्मसम्मान मर चुका है या फिर जिसकी पूंछ कहीं ट्रंप के पैरों तले दबी हुई है.
पिछली पोस्ट में मैंने कहा था भारत-अमरीकी संबंधों में structural damage हुआ है. इसका मुख्य कारण मोदीनीति है. मोदी जी के जुमले भले ही भक्तों को आकर्षित करते हों लेकिन दुनिया को पता चल चुका है कि वो खोखले हैं. ट्रंप उसी खोखलेपन का फायदा उठा रहा.
लेखक पत्रकार हैं और वर्तमान में नेशनल हेराल्ड में कार्यरत हैं. उनके फेसबुक पेज से… 
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता के लिए News Muni ज़िम्मेदार नहीं है.

Last Updated on August 7, 2025 10:18 am

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