NEET 2025 का सबसे कठिन पेपर! फिजिक्स ने किया परेशान, कटऑफ होगी नीचे?

NEET 2025 का जो पेपर आया है उसके लिए एक ही बात कही जा सकती है, Good job NTA. अबकी बारी पेपर भारी… जी हां, इस बार का जो पेपर हुआ है वो काफी कठिन रहा…खासकर फिजिक्स और छात्रों ने माना कि पेपर टफ है… NEET का अब तक का सबसे कठिन पेपर 2021 का पेपर माना जाता है, लेकिन इस बार के पेपर (NEET 2025) के बारे में भी छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण था, खासकर फिजिक्स का पेपर.

ओवरआल छात्रों को निराश नहीं होना चाहिए, पेपर सबके लिए लगभग टफ है, तो इस बार उम्मीद की जा रही है कि जो कट ऑफ है वो कम रहेगा, कम से कम पिछली बार से तो काफी कम रहेगा.”

परीक्षा परिणाम आने तक सकारात्मक रहें…

जब तक परीक्षा परिणाम नहीं आ जाए, तब तक आप सकारात्मक रहिए. लगभग अस्सी प्रतिशत स्टूडेंट्स का मानना है कि पेपर टफ है, लगभग सारी कोचिंग के जो बड़े एक्सपर्ट हैं, सब कह रहे हैं पेपर टफ है. और जब ऐसा होता है, तो जो कट ऑफ है, वो काफी नीचे आता है. कितना नीचे आएगा, आज की डेट में कोई गारंटी नहीं दे सकता. इसलिए पॉजिटिव रहिए. सेलेक्शन होना होगा, तो अभी भी होगा. आपने अपना बेस्ट जो कर सकते थे, वो किया है. सो, खुद पर भरोसा रखो.

छात्रों से बातचीत के आधार पर, NEET 2025 परीक्षा का विश्लेषण :

NEET 2025 की परीक्षा में छात्रों ने पहले Zoology और Botany का पेपर दिया, जिसे थोड़ा कठिन बताया जा रहा है क्योंकि प्रश्नों को समझने में समय लगा. इसके बाद, छात्रों ने केमिस्ट्री का पेपर दिया, जो ठीक-ठाक था. हालांकि, फिजिक्स का पेपर सबसे चुनौतीपूर्ण रहा, जिसे पिछले 10-15 सालों में सबसे कठिन पेपर माना जा रहा है.

फिजिक्स: पेपर में कम से कम 10 प्रश्न ऐसे थे जिन्हें देखकर छात्र छोड़ देते तो उनके लिए बेहतर होता. इन प्रश्नों को हल करने में समय लग सकता था, जो अन्य प्रश्नों के लिए उपयोगी हो सकता था.

समय प्रबंधन : छात्रों ने बताया कि परीक्षा में समय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती थी, खासकर फिजिक्स के पेपर में.

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केमिस्ट्री: पेपर मध्यम स्तर का था, लेकिन कुछ प्रश्नों में मिश्रित अवधारणाओं का उपयोग था, जो उन्हें मुश्किल बनाता था.

बायोलॉजी: पेपर NCERT-आधारित था, और कुछ पंक्तियां सीधे पुस्तक से ली गई थीं. इस बार की परीक्षा में सबसे खास बात यह रही है कि प्रश्नों को देखने के बाद छात्रों को अधिक मंथन करना पड़ा है और सीधे प्रश्न कम आए हैं. इसका मतलब है कि छात्रों को प्रश्नों के साथ सोचने और समझने की जरूरत पड़ी है, न कि केवल रटने की.

नई शिक्षा नीति में भी यही बात कही जा रही है कि छात्रों को किताबों को रटने के बजाय समझकर पढ़ना चाहिए. जिन छात्रों ने ऐसा किया होगा, उन्हें इस पेपर में फायदा हो सकता है.

इससे यह भी पता चलता है कि परीक्षा में अब अधिक गहराई और समझ की आवश्यकता है, न कि केवल तथ्यों को याद रखने की.

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मार्क्स और रैंक
– NEET में मार्क्स की तुलना में रैंक अधिक महत्वपूर्ण है.
– जब पेपर आसान होता है, तो रैंक बहुत उच्च होती है, और मार्क्स अधिक आते हैं.
– इस बार के पेपर के आधार पर, कट ऑफ पिछले वर्ष की तुलना में 80-100 अंक नीचे आ सकती है.

वरिष्ठ पत्रकार राजेश यादव की कलम से.

Last Updated on May 5, 2025 9:40 pm

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