NTA Expert Selection: NEET-UG और UGC-NET विवाद के बाद करीब 600 Subject Experts को हटाने के एक महीने बाद National Testing Agency यानी NTA अब अपने Expert Pool को नए सिरे से तैयार कर रही है. इसके लिए एजेंसी ने Experts के चयन की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है.
अब किसी Academic Expert को NTA के Question Paper Setting Panel में शामिल होने से पहले चार स्तर की जांच से गुजरना होगा. इसमें Subject Expertise की जांच, Background Verification, Qualifications और Experience की पुष्टि के साथ-साथ एक विस्तृत Confidentiality Undertaking भी शामिल है.
यह बदलाव ऐसे समय आया है जब CBI Chargesheet में आरोप लगाया गया था कि NTA के तीन Subject Experts कथित NEET-UG Paper Leak के प्रमुख स्रोतों में शामिल थे. Chargesheet में NTA के Confidential Section में Experts की निगरानी और Management से जुड़ी खामियों की ओर भी इशारा किया गया था.
NEET-UG और UGC-NET विवाद के बाद बड़ा बदलाव
Paper Leak के बाद NTA को NEET-UG Exam दोबारा आयोजित करना पड़ा था. इसके अलावा UGC-NET में भी English, Commerce और Sociology के Papers दोबारा कराने पड़े.
एक Expert Committee ने इन Papers में Factual, Typographical, Translation और Language-related Errors के साथ-साथ Repeated Questions की पहचान की थी.
इसके बाद पिछले महीने Union Education Ministry ने कहा था कि NTA Question Papers की जांच मजबूत करने के लिए Four-Tier Question Paper Checking System लागू करेगा.
अब बुधवार को NTA ने नए Experts की नियुक्ति के लिए Expression of Interest यानी EoI जारी किया है. इसमें साफ किया गया है कि Academics को Question Paper Setting Pool में शामिल होने से पहले चार अलग-अलग Filters से गुजरना होगा.
इसके साथ ही NTA Translation Reviewers की भी नियुक्ति कर रहा है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब एजेंसी Examination Papers के Translation में AI-assisted Translation का इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
पहले चरण में Documents और Qualification की जांच
पहले चरण में NTA Applicant की Application, Eligibility, Educational Qualifications, Experience और Supporting Documents की जांच करेगा.
Applicants को अपनी Identity और Employment से जुड़े Documents देने होंगे. इसमें उनकी वर्तमान नौकरी की जानकारी और जहां जरूरी हो वहां No Objection Certificate यानी NOC भी शामिल होगा.
इसके अलावा Applicants को Confidentiality और Conflict of Interest Declaration भी देना होगा.
यानी केवल Academic Qualification होना Expert Panel में शामिल होने के लिए पर्याप्त नहीं होगा.
दूसरे चरण में होगी Subject Expertise की असली परीक्षा
दूसरे चरण में Applicant की वास्तविक Subject Expertise का मूल्यांकन किया जाएगा.
NTA की ओर से गठित Subject Expert Committees Applicant की Academic Standing, Research Record, Question Paper Setting का पिछला अनुभव और संबंधित विषय में Overall Expertise की जांच करेंगी.
इस स्तर पर यह देखा जाएगा कि व्यक्ति सिर्फ कागजों पर योग्य है या वास्तव में उस विषय में Question Paper तैयार करने की क्षमता रखता है.
तीसरे चरण में Background Verification
दूसरे चरण में सफल होने वाले Applicants को इसके बाद अलग से Background Verification से गुजरना होगा.
इसमें उनकी Academic Credentials और Employment History की जांच होगी. इसके साथ Integrity Declarations और संभावित Conflict of Interest की भी पड़ताल की जाएगी.
यानी Expert बनने की प्रक्रिया अब केवल Qualification और Experience तक सीमित नहीं रहेगी.
चौथे चरण में Final Empanelment
इन सभी चरणों को पार करने के बाद Applicant चौथे और अंतिम चरण में पहुंचेगा- Formal Empanelment.
इसमें Expert को निर्धारित Subjects, Examination Levels और Examination-related Work के प्रकार के लिए Panel में शामिल किया जाएगा.
यह Panel तीन साल तक Valid रहेगा. हालांकि EoI में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने पर NTA किसी Expert का Empanelment समाप्त कर सकता है.
Coaching Institutes से संबंध पर भी सख्ती
नई प्रक्रिया में Conflict of Interest और Confidentiality को खास महत्व दिया गया है.
EoI के तहत Experts के Coaching और Test-Preparation Organisations से संबंधों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. उन्हें अपने संभावित Commercial और Professional Conflicts का खुलासा करना होगा.
NTA ने अपने Document में कहा है कि Empanelled Experts को सौंपा गया काम अत्यंत गोपनीय प्रकृति का है. Confidentiality का उल्लंघन, चाहे जानबूझकर हो या अनजाने में, पूरी परीक्षा की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और लाखों Candidates को नुकसान पहुंचा सकता है.
इसी वजह से Experts से Confidentiality, Professional Integrity और Academic Ethics के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की अपेक्षा की गई है.
अब Experts को साइन करना होगा Confidentiality Undertaking
नई Empanelment Process में NTA ने एक विस्तृत Confidentiality Undertaking भी अनिवार्य किया है.
Exam-related काम शुरू करने से पहले Experts को इस Declaration पर हस्ताक्षर करने होंगे.
इसके तहत उन्हें अपने हर Assignment, तैयार या Review किए गए Questions, इस्तेमाल की गई Reference Material और NTA के साथ काम के दौरान मिली किसी भी अन्य जानकारी को पूरी तरह Confidential रखना होगा.
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह जिम्मेदारी Expert का Empanelment खत्म होने के बाद भी जारी रहेगी.
Question Paper की Copy, Photo और Recording पर रोक
Confidentiality Rules के तहत Experts को Question Papers और अन्य Examination Material संभालते समय NTA के Security Protocols का पालन करना होगा.
Confidential Material की Copy, Photograph, Recording या उसे अपने पास रखने पर भी प्रतिबंध रहेगा.
इसके अलावा Coaching और Test-Preparation Organisations से जुड़े Commercial Interests को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं.
नई EoI में साफ तौर पर कहा गया है कि Experts का Candidates की Coaching कराने वाली Entities के साथ Commercial Association नहीं होना चाहिए.
इतना ही नहीं, NTA के साथ आखिरी Assignment पूरा होने के बाद भी दो साल का “Cool-off Period” लागू होगा.
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यानी NEET-UG और UGC-NET विवादों के बाद NTA अब Question Paper तैयार करने वाले Experts के चयन से लेकर उनके Background, Confidentiality और Coaching Industry से संबंधों तक की जांच को ज्यादा सख्त कर रहा है. अब बड़ा सवाल यही है कि क्या चार स्तर की यह नई व्यवस्था भविष्य में Paper Leak और Question Paper Errors जैसी समस्याओं को रोकने में कितनी प्रभावी साबित होगी?
Last Updated on September 17, 2026 8:07 am
