यूकेएसएसएससी (UKSSSC) के ख्यात/कुख्यात पेपर विक्रेता और भाजपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत (Hakam Singh Rawat) जेल से छूटकर पुनः अपने पुराने धंधे में लौट आए। आज उनकी फिर से गिरफ्तारी हुई है, बताया जा रहा है कि वह छह अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। 2023 में पुष्कर सिंह धामी (Pushakar Singh Dhami) ने देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाने का दावा किया था, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में नकल कराने और पेपर बेचने के सबसे बड़े आरोपी ने जेल से छूटकर फिर से सक्रियता दिखा दी। सवाल उठता है—क्या इस कानून की सख्ती सिर्फ नाम की रह गई? CPI-ML नेता इंद्रेश मैखुरी अपने एक्स हैंडल पर लिखते हैं-
यूकेएसएसएससी के ख्यात/कुख्यात पेपर विक्रेता और एक जमाने में भाजपा के जिला पंचायत सदस्य रहे हाकम सिंह रावत जेल से छूटकर पुनः अपने पुराने धंधे में सक्रिय हो गए थे। अब जब हाकम फिर से गिरफ्तार हुआ, तो बताया जा रहा है कि वह छह अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपए मांग रहा था! हाकम सिंह पिछली बार जेल गया था, उसके बाद 2023 में पुष्कर सिंह धामी जी ने देश भर में सर्वाधिक सख्त नकल विरोधी कानून लाने का दावा किया था।
लेकिन इस प्रदेश के, देश के, दुनिया के, यहां तक कि ब्रह्मांड के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के बावजूद, प्रदेश में नकल कराने और पेपर बेचने का सबसे बड़ा आरोपी जेल से छूटकर वापस आ गया और फिर से पेपर बेचने के धंधे में लग गया।
वाह रे धाकड़ हैंडसम भैया! गजब सख्ती है आपके नकल विरोधी कानून में!
और हां, जैसे अंकिता भंडारी केस में यह नहीं बताया गया कि वीआईपी कौन है, वैसे ही यह भी बिल्कुल नहीं बताया जाएगा कि हाकम का हाकिम कौन है, और ना ही उसका बाल बांका होगा!
पद और गोपनीयता की शपथ का ऐसा अर्थ भी हो सकता है, सोचा ना था!
Last Updated on September 21, 2025 11:47 am
