UP Voter List Update: यूपी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 2.89 करोड़ नाम हटे

Highest Voter Deletions in SIR Drive: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन – SIR) अभ्यास के बाद मंगलवार को जारी की गई उत्तर प्रदेश की प्रारूप मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं।

इस प्रक्रिया के दौरान राज्य की मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का 18.70 प्रतिशत है। यह संख्या देशभर में “अनट्रेसेबल” यानी न मिल पाने वाले मतदाताओं में सबसे अधिक है।

इन नामों को हटाने के कारणों में मतदाताओं का मृत होना, स्थान परिवर्तन करना, अनुपस्थित होना या एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण पाया जाना शामिल है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने बताया कि जिन 2.89 करोड़ नामों को हटाया गया है, वे वे मतदाता हैं जिन्हें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ढूंढ नहीं पाए या जिनके गणना फॉर्म प्राप्त नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाता या तो अपने पुराने पते से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके थे, या संबंधित मतदान क्षेत्र में अनुपस्थित पाए गए, या फिर 26 दिसंबर 2025 तक फॉर्म जमा नहीं कर सके।

आंकड़ों के अनुसार—

  • स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाताओं की संख्या 2.17 करोड़ (14.06 प्रतिशत) रही।

  • मृत मतदाताओं की संख्या 46.23 लाख (2.99 प्रतिशत) रही।

  • एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए मतदाता 25.57 लाख (1.65 प्रतिशत) थे।

नवदीप रिनवा ने यह भी बताया कि प्रारूप सूची में शामिल नामों में से भी 8.5 प्रतिशत का मैपिंग नहीं हो सका है। उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों को आज से नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस में उन दस्तावेजों की सूची होगी, जिन्हें जमा कर वे अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं।”

मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां 6 जनवरी से 6 फरवरी तक स्वीकार की जाएंगी। इन दावों और आपत्तियों का निस्तारण 26 जनवरी से 27 फरवरी के बीच किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 मार्च को किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 31 दिसंबर से बढ़ाकर 6 जनवरी कर दी थी। इस पर रिनवा ने कहा, “उत्तर प्रदेश में हटाए गए नामों की संख्या बहुत अधिक थी — करीब 2.97 करोड़। इसलिए हमने आयोग से यूपी के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा। फील्ड स्तर का अभ्यास 26 दिसंबर को समाप्त हुआ।”

उन्होंने यह भी बताया कि अतिरिक्त समय मिलने के दौरान मतदाता सूची में करीब 8 लाख नए नाम जोड़े जा सके।

यह उत्तर प्रदेश में SIR कार्यक्रम की समय-सारिणी में तीसरा बदलाव था। यह अभ्यास 27 अक्टूबर को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुआ था।

Last Updated on January 6, 2026 8:39 pm

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