– विश्व दीपक
सवाल यह है कि अपना देसी जेम्स बॉन्ड क्या कर रहा था? रॉ क्या कर रही थी? नेपाल में इतना बड़ा बवाल होने जा रहा है और भारत को खबर तक नहीं. अगर थी तो नेपाल को आगाह क्यों नहीं किया? बयानबाजी और थोड़ी बहुत खींचतान की बात अलग है लेकिन नेपाल का पूरा पॉलिटिकल सिस्टम अब तक भारत के पक्ष में रहा है. चाहे नेपाली कांग्रेस के लोग हों, कम्युनिस्ट पार्टी के लोग हों या नेपाल के माओवादी नेता-सब भारत समर्थक रहे हैं.
इसकी वजह राजनीति नहीं बल्कि संस्कृति और दोनों देशों की जनता के बीच के संबंध और नातेदारी है. भारत की जनता ने, यहां की सरकार और सिस्टम ने भी नेपाल के गणतंत्रवादियों का सपोर्ट किया है.यह इनके जाने और खत्म होने का मतलब होगा अराजकता और भारत के हितों की हानि.
लेकिन ऐसा हो चुका है.ठीक वहीं पैटर्न दोहराया गया जैसा बांग्लादेश में हुआ था.एकदम वही प्लेबुक. वहां भी जेम्स बॉन्ड बुरी तरह फ्लॉप हुआ था. इसकी एकमात्र वजह है कि मोदी जी ने अपने आत्म सम्मान के साथ-साथ भारत के हितों को और पड़ोसी देशों को भी ट्रंप के चरणों में झुका दिया है.
नेपाल में जो हो रहा है वह क्रांति नहीं एक षडयंत्र है जिसका खामियाजा अंततः भारत को भुगतना होगा.जिन्हें नेपाल ने क्रांति दिखाई पड़ रही है उन्हें अपना चश्मा बदलने की ज़रूरत है.
लेखक पत्रकार हैं और वर्तमान में नेशनल हेराल्ड में कार्यरत हैं. उनके फेसबुक पेज से…
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Last Updated on September 10, 2025 5:28 pm
