Uttarakhand: MLA आशा नौटियाल को घास काटने वाली महिलाओं से हमदर्दी नहीं तो घास उठाते हुए फोटो शूट क्यों?

Uttarakhand: श्रीमती आशा नौटियाल, लंबे अरसे से पीठ पर घास लाने आदि के फोटो- वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करती रही हैं. लोग उनके फोटो-वीडियो पर मोहित होते रहते और कहते- देखिये विधायक होने के बावजूद वे कितनी जमीन से जुड़ी, सौम्य- सरल हैं, बिल्कुल आम महिलाओं की तरह.

लेकिन हाल में उनके केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के रुद्रपुर गांव में हकीकत में घास लाने वाली महिलाएं जब अपने गोचर को बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी और पुलिस ने उनका उत्पीड़न किया तो घास के साथ फोटोशूट कराने वाली विधायक जी कहीं नज़र नहीं आई.

आज वे उन महिलाओं के पास पहुंची तो हकीकत में घास काटने वाली महिलाएं, जब उनके सामने घास का मैदान बचाने के संघर्ष में पुलिस द्वारा किए गए दुर्व्यवहार का वर्णन कर रही थीं तो घास के साथ फोटो शूट करने वाली विधायक महोदया किंकर्तव्यविमूढ़ नज़र आ रही थीं. सोशल मीडिया के लिए घास का भारा पीठ पर रखना एक बात है और अपने घास का मैदान बचाने के लिए लड़ जाना बिल्कुल दूसरी बात है.

खुद के लिए वोट चाहिए तो मंच से अश्रुधार और आम महिलाओं पर पुलिसिया दमन भी हो तो खामोश, ऐसे फोटोशूट वाले नेताओं पर फिदा होना बंद करो प्यारे उत्तराखंडी माता- बहनों, बुजुर्गो और नौजवान दोस्तो.

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पुलिसिया दमन का बहादुरी से मुकबला करने वाली रुद्रपुर गांव की संघर्षशील बहनों को सलाम.

भाकपा (माले) नेता Indresh Maikhuri के एक्स पेज (@indreshmaikhuri) से. 

Last Updated on March 24, 2025 11:38 pm

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