Bihar Election से पहले 1 करोड़ वोटर्स को 10-10 हज़ार! क्या ये ‘नोट फॉर वोट’ की नई स्कीम है?

– विश्व दीपक
Bihar Election: बिहार में घूस देकर वोट खरीदने का काम पूरी निर्लज्जता से जारी है. हिंदी मीडिया खासतौर से टीवी मीडिया जिसमें ज्यादातर बिहारी हैं– वो सब प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस निर्लज्जता के भागीदार हैं. कहीं कोई सवाल नहीं उठ रहा. अगर लेवल प्लेइंग फील्ड न हो तो चुनाव का क्या मतलब? तय था कि चुनाव आयोग शाम 4 बजे चुनाव तारीखों का ऐलान करेगा लेकिन उसके पहले ही नीतीश कुमार 21 लाख महिलाओं के लिये 10 हज़ार वाली घूस योजना लेकर आ गए.
मोदी जी पहले ही 75 लाख महिलाओं को नोट फॉर वोट स्कीम का लाभार्थी बना चुके हैं. इस प्रकार करीब 1 करोड़ वोटर्स को सीधे-सीधे 10 हज़ार का घूस दिया जा रहा है.
अगर भूल गये हों तो याद कर लीजिए – पिछली बार मतलब 2020 के चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच सिर्फ 11,150 वोट का फर्क था. अगर महागठबंधन को 11,151 वोट मिल जाते तो बिहार में कांग्रेस-आरजेडी की सरकार होती.
इस बार तो शुरुआत ही एक करोड़ से हो रही है. जितने लोगों को दस हज़ार दिये जा रहे हैं अगर उसका एक प्रतिशत भी वोट में कन्वर्ट हो गया तो इसका मतलब यह हुआ कि इस बार चुनाव की ओपनिंग ही 1 लाख वोट के अंतर से हो रही है. पांच प्रतिशत कनवर्ट हो गया तो करीब 5 लाख का अंतर होगा.
इसके अलावा जो 21 लाख वोट जुड़े हैं और जो 47 लाख वोट कटे हैं – वो कौन हैं, कहां से आए, कहां गए- इस बारे में किसी को कुछ नहीं मालूम. मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में था. ज्ञानेश कुमार से घुसपैठियों के बारे में सवाल किया गया आंय-बांय करने लगे. बिहार चुनाव का चीरहरण खेल शुरू होने से पहले ही हो चुका है.
लेखक पत्रकार हैं और वर्तमान में नेशनल हेराल्ड में कार्यरत हैं. उनके फेसबुक पेज से… 

Last Updated on October 7, 2025 12:48 pm

Related Posts