– रवीश रंजन शुक्ला
Epstein और Maxwell Ghislain इनकी चर्चा आपने बहुत सुनी होगी…लेकिन रईसों की दुनिया में ग़रीबों की बेटियां किस तरह बेआबरू हो रही थी इसकी शानदार योजना Epstein और उसकी ख़ूबसूरत सहयोगी Maxwell ने बनाई…इन दोनों का शिकार युवावस्था की दहलीज़ पर खड़ी ज्यादातर वो बच्चियाँ बनीं जो अपने माता-पिता के झगड़ों या असफल वैवाहिक रिश्तों से उचाट थी..या ग़रीबी से परेशान होती थीं या फिर ऐसी लड़कियाँ जो नशे के चंगुल में फँसी होती थी…
इनको सबसे पहले बहलाने फुसलाने की काम Maxwell करती…Maxwell दिखने में समझदार और रईस होने के साथ ही मिलनसार स्वभाव की थी..वो हाई स्कूल में पढने वाली नाबालिग ऐसे बच्चियों को खोजती फिर उनको Palmbeach के अपने आलीशान बंगले में चंद मिनट मसाज करने के बदले 200 डॉलर देने का प्रलोभन देती…फिर जब वो बंगले में पहुँच जाती तब मसाज के नाम पर वो अनजान रईसज़ादों के हवस का शिकार बनती…
जो लड़की शिकार बनती उसे फिर Maxwell समझाती कि अगर तुम अपने जैसी लड़कियों को लाओगी तब तुमको 200 डॉलर फिर मिलेंगे…इसी तरह एक के बाद एक Epstien और Maxwell ने नाबालिग लड़कियों के Sexual abuse का एक बड़ा और भयानक पिरामिड खड़ा कर दिया…जिसमें सैकड़ों बच्चियों का न सिर्फ़ दैहिक शोषण होता बल्कि उन्हीं बच्चियों के हाथों दूसरी तमाम लड़कियों को इस दलदल में धकेल दिया जाता था…
ये सब एक दो साल नहीं बल्कि 15 साल से भी ज्यादा वक्त तक चलता रहा..उसके खिलाफ सबसे पहली शिकायत दो बहनों ने 1998 में किया था..लेकिन अपनी पहुँच और पैसे के दम पर वो कानून से सालों साल खेलता रहा..
Epstein शुरु से ही फ्रॉड और अन्तर्मुखी था..सबसे पहले वो फ़र्ज़ी डिग्री दिखाकर Dolton Collage में teacher बन गया था..जबकि Maxwell के पिता ब्रिटेन के मैनेजमेंट रईस थे लेकिन कंगाल होने के बाद संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी थी..इन दोनों ने Sexual Abuse का International तानाबाना बुना..जिसमें दुनिया के कई ताकतवर और रईस लोग फँसे…इसके वजह से Epstein और Maxwell ने अकूत पैसा कमाया…अब Epstein आत्महत्या कर चुका है..और उसकी ख़ूबसूरत महिला दोस्त Maxwell 40 साल की सज़ा काट रही है…
इस पूरी घटना का सार यही है कि हमेशा अपने आसपास के वातावरण के प्रति सतर्क रहें…युवावस्था के लड़के और लड़कियां होशियार रहें..फ़ोटो में जो महिलाएँ दिख रही हैं..उन्होंने कहीं अपने दोस्तों को इस दलदल में धकेला अब ज़िंदगी के इस मोड़ पर वो अवसाद में हैं…ये संक्षिप्त में Epstein की कहानी है..
(लेखक सीनियर पत्रकार हैं और लंबे समय से फील्ड रिपोर्टिंग करते रहे हैं. मौजूदा वक़्त में वे NDTV से जुड़े हैं. उनके फेसबुक पेज से.
Last Updated on February 14, 2026 12:01 pm
