कनाडा में भारतीय छात्र की हत्या, उज्जैन के गुरकीरत सिंह को पीटकर गाड़ी से कुचला

Indian Student Killed in Canada: उज्जैन के रहने वाले गुरकीरत सिंह मनोचा जब 2024 की शुरुआत में कनाडा के लिए रवाना हुए थे, तब उनका सपना साफ था—ब्रिटिश कोलंबिया के फोर्ट सेंट जॉन स्थित नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में एक साल की पढ़ाई, बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा और फिर भारत लौटकर अपने पिता के फूड सप्लाई बिजनेस को आगे बढ़ाना।

लेकिन वह अपने इस सपने को पूरा नहीं कर सके।

14 मार्च की रात फोर्ट सेंट जॉन में कथित तौर पर 10-12 लोगों के एक समूह ने गुरकीरत पर हमला किया। आरोप है कि पहले उनके साथ मारपीट की गई और फिर एक वाहन से कुचल दिया गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। इस मामले में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी लंबित है, जिससे मौत के कारण और आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

घटना से एक दिन पहले गुरकीरत की अपने पिता गुरप्रीत सिंह से आखिरी बार बात हुई थी। गुरप्रीत ने बताया कि यह एक सामान्य बातचीत थी।
उन्होंने कहा, “वह अपनी पढ़ाई पूरी करने वाला था और घर लौटने की तैयारी कर रहा था। मेरा बेटा मासूम था और बड़े सपने लेकर गया था।”

फोर्ट सेंट जॉन, ब्रिटिश कोलंबिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित लगभग 22,000 आबादी वाला एक छोटा शहर है। गुरकीरत हफ्ते में चार दिन पढ़ाई करते थे और बाकी तीन दिन काम करते थे। उन्होंने स्थानीय वॉलमार्ट स्टोर में नौकरी कर ली थी।

उनके बड़े भाई प्रबकीरत सिंह, जो रायपुर में रहते हैं, ने बताया कि परिवार को जानकारी मिली है कि काम के बाद गुरकीरत कुछ सहपाठियों के साथ गए थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
प्रबकीरत ने कहा, “हमें बताया गया कि कुछ लड़कों ने पहले उन्हें पीटा और फिर गाड़ी से कुचल दिया। करीब 10-12 लोग इसमें शामिल थे।”

उधर उज्जैन में परिवार अब कागजी प्रक्रियाओं का इंतजार कर रहा है। कनाडा से भारत शव लाने की प्रक्रिया जटिल होती है, जिसमें डेथ सर्टिफिकेट, दूतावास की औपचारिकताएं, एंबामिंग और जांच के दौरान कानूनी दस्तावेज शामिल होते हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

परिवार अपने बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाकर अंतिम संस्कार करना चाहता है, लेकिन हर गुजरता दिन उनके लिए भारी पड़ रहा है।
गुरप्रीत ने कहा, “कहा जा रहा है कि 20 मार्च तक पोस्टमॉर्टम पूरा हो जाएगा। हमें उम्मीद है कि बेटे का शव वापस लाने के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। उज्जैन के उसके कॉलेज ने उसकी याद में प्रतिमा लगाने का भी आश्वासन दिया है।”

Last Updated on March 17, 2026 4:50 pm

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