बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) जल्द ही करीब दो साल बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर सामने आने वाली हैं. लेकिन उनके इस कार्यक्रम से पहले भारत सरकार ने अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हसीना जिस कार्यक्रम में बोलने वाली हैं, उससे भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं है.
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि हसीना का यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रही है. सरकार की इसमें कोई भागीदारी नहीं है और कार्यक्रम में कही जाने वाली किसी भी बात से सरकार खुद को जोड़ती नहीं है.
भारत का यह बयान बांग्लादेश की उस अपील के एक दिन बाद आया है, जिसमें ढाका ने भारत से कहा था कि शेख हसीना और अवामी लीग के दूसरे नेताओं को भारत की जमीन से ऐसी राजनीतिक गतिविधियां करने की इजाजत न दी जाए, जिससे बांग्लादेश में अस्थिरता पैदा हो या दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़े.
आखिर हसीना का भाषण इतना अहम क्यों है?
शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं. छात्र आंदोलन के बाद उनकी सरकार गिर गई थी और उन्हें बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था. अब 5 अगस्त को वह करीब दो साल बाद पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगी.
यह कार्यक्रम नई दिल्ली के सर मार्क टली ऑडिटोरियम में साउथ एशिया के फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब की ओर से आयोजित किया जा रहा है. हसीना इसमें वर्चुअल तरीके से शामिल होंगी.
सबकी नजर इस बात पर होगी कि हसीना अपने भविष्य को लेकर क्या कहती हैं और क्या वह बांग्लादेश वापस लौटने की कोई योजना बताती हैं.
ये भी पढ़ें- डाबर के ‘100%’ दावों पर FSSAI की रोक, शहद से नारियल दूध तक उठे सवाल
कार्यक्रम में हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय, बांग्लादेश के पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नोफेल और मानवाधिकार कार्यकर्ता महम्मद अली सिद्दीकी के भी शामिल होने की उम्मीद है.
खास बात यह है कि हसीना का यह संबोधन उनकी 15 साल की सत्ता खत्म होने की दूसरी बरसी के मौके पर हो रहा है. यानी करीब दो साल बाद उनकी यह सार्वजनिक मौजूदगी राजनीतिक तौर पर काफी अहम मानी जा रही है.
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत का न्योता
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को लेकर भी जानकारी दी.
MEA ने बताया कि फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री बनने के बाद तारिक रहमान को भारत आने के लिए औपचारिक न्योता दिया गया है.
#WATCH | Delhi: Responding to ANI’s question on Sheikh Hasina’s scheduled address at an event hosted by the Foreign Correspondents’ Club of South Asia in New Delhi on August 5, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “The interaction you are referring to is being organised by a… pic.twitter.com/RzPcoNSJKZ
— ANI (@ANI) August 4, 2026
इतना ही नहीं, भारत ने उन्हें नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भी शामिल होने का न्योता दिया है. इसकी वजह यह है कि फिलहाल बांग्लादेश BIMSTEC का अध्यक्ष है.
MEA के मुताबिक, BRICS में क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को आउटरीच सत्र में बुलाना एक सामान्य प्रक्रिया है.
ये भी पढ़ें- JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन तेज….
POK चुनावों पर भारत का कड़ा रुख
वहीं, विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी POK में हुए चुनावों को लेकर भी पाकिस्तान पर निशाना साधा.
भारत ने इन चुनावों को “पूरी तरह का दिखावा” बताया. MEA के मुताबिक, पाकिस्तान अशांति और विरोध के बीच इन चुनावों के जरिए सिर्फ अपनी वैधता दिखाने की कोशिश कर रहा है.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि असली तस्वीर वहां हो रहे जनता के विरोध और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कथित हत्याओं में दिखाई देती है. उनके मुताबिक, ऐसे चुनाव वास्तविकता को छिपा नहीं सकते.
भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मानवाधिकारों को लेकर पाकिस्तान के दावों की हकीकत को समझना चाहिए.
Last Updated on August 4, 2026 7:51 pm
