कोरिया मास्टर्स सुपर 300 के महिला सिंगल्स फ़ाइनल में पहुंचीं अश्मिता चालिहा

सेमीफाइनल मुकाबले में अश्मिता ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले गेम में उन्होंने रक्षिता पर लगातार दबाव बनाया और 21-13 से गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में रक्षिता ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। हालांकि निर्णायक तीसरे गेम में अश्मिता ने अपना धैर्य बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल करते हुए 21-13 से गेम जीतकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया। 

Ashmita Chaliha
Ashmita Chaliha

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोरिया मास्टर्स सुपर 300 के महिला एकल वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में अश्मिता ने अपनी हमवतन और युवा खिलाड़ी रक्षिता रामराज को तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-13, 16-21, 21-13 से हराया। यह अश्मिता के करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर फाइनल है।

सेमीफाइनल मुकाबले में अश्मिता ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले गेम में उन्होंने रक्षिता पर लगातार दबाव बनाया और 21-13 से गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में रक्षिता ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। हालांकि निर्णायक तीसरे गेम में अश्मिता ने अपना धैर्य बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल करते हुए 21-13 से गेम जीतकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

अश्मिता का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि वह इस साल चोट से वापसी कर रही हैं। उन्हें दाहिने घुटने में मेडियल मेनिस्कस चोट के कारण लगभग तीन महीने तक कोर्ट से दूर रहना पड़ा था। मई में वापसी के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपनी लय हासिल की और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया

कोरिया मास्टर्स में भी अश्मिता का सफर आसान नहीं रहा। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने जापान की टॉप सीड और विश्व नंबर-22 हिना अकेची को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इस जीत के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में रक्षिता को हराकर अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी।

अब फाइनल में अश्मिता का सामना चीन की हान कियानशी (Han Qianxi) से होगा। विश्व रैंकिंग में हान कियानशी 35वें स्थान के आसपास हैं और टूर्नामेंट में चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हैं। उन्होंने दूसरे सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।

अश्मिता के लिए यह मुकाबला एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। फाइनल में जीत उन्हें पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब दिला सकती है। चोट से वापसी के बाद लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही अश्मिता की नजर अब खिताब पर होगी।

भारतीय बैडमिंटन के लिए भी यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है। लगातार दूसरे सप्ताह एक भारतीय महिला खिलाड़ी BWF वर्ल्ड टूर के फाइनल में पहुंची है। इससे पहले तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन का खिताब जीता था। अब अश्मिता के पास भारतीय बैडमिंटन के लिए एक और बड़ी सफलता दर्ज करने का मौका है।

 

 

Last Updated on August 8, 2026 2:54 pm

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