RBI Repo Rate Hike: ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का खतरा, क्या महंगी होगी EMI?

RBI ने तीन साल से ज्यादा समय बाद Repo Rate में 25 basis points की बढ़ोतरी की है. लेकिन महंगाई का दबाव कम नहीं हुआ तो यह आखिरी Rate Hike नहीं होगी. RBI ने Policy Stance को ‘Neutral’ से ‘Calibrated Tightening’ किया है. Analysts को दिसंबर में फिर 25 bps और आगे कुल 50-75 bps बढ़ोतरी की आशंका है.

RBI का Calibrated Tightening संकेत, क्या 6% तक पहुंचेगा Repo Rate?
RBI का Calibrated Tightening संकेत, क्या 6% तक पहुंचेगा Repo Rate?

RBI Repo Rate Hike: RBI की मुख्य Policy Rate में 25 basis points की बढ़ोतरी तीन साल से ज्यादा समय बाद हुई है. लेकिन यह आखिरी बढ़ोतरी नहीं हो सकती. Monetary Policy का रुख ‘Neutral’ से बदलकर ‘Calibrated Tightening’ करना साफ संकेत है कि अगर महंगाई का दबाव कम नहीं हुआ तो RBI आगे भी ब्याज दरें बढ़ा सकता है.

बैंकरों और अर्थशास्त्रियों को अब आने वाली Monetary Policy Reviews में 50-75 basis points तक और बढ़ोतरी की उम्मीद है.

दूसरे शब्दों में, अगर आने वाले महीनों में महंगाई की स्थिति नहीं सुधरती है तो RBI एक के बाद एक Rate Hikes के जरिए Monetary Policy को और सख्त कर सकता है. इसका सीधा असर Loans की Interest Rates पर पड़ेगा. ब्याज दरें बढ़ने से EMI महंगी हो सकती है और अर्थव्यवस्था में Demand कमजोर पड़ सकती है.

RBI ने Rate Cut का रास्ता फिलहाल बंद किया

RBI Governor Sanjay Malhotra ने MPC बैठक के बाद कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए निकट अवधि में Rate Cut की संभावना नहीं है. आगे का Policy Action परिस्थितियों के आधार पर या तो Rate Hike होगा या फिर Pause.

पहले से ऊंची Borrowing Costs के बीच एक और Rate Hike होने पर परिवारों, कारोबारों और ऐसी अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जो चुनौतीपूर्ण Global Environment के बीच अपनी Growth Momentum बनाए रखने की कोशिश कर रही है.

RBI के संकेत से साफ है कि फिलहाल Central Bank की प्राथमिकता Inflation Control है, भले ही इससे Growth और Credit Demand पर तत्काल दबाव क्यों न पड़े.

इसका सबसे ज्यादा असर उन Consumers और Businesses पर पड़ सकता है, जिन पर पहले से कर्ज है. ब्याज दरें बढ़ने का मतलब होगा महंगी EMI, ज्यादा Working Capital Cost और कमजोर Investment.

अगर MPC अपनी Hawkish Policy पर आगे बढ़ता है तो अगली Rate Hikes यह तय करेंगी कि Inflation को नियंत्रित करने के लिए RBI अर्थव्यवस्था पर कितना दबाव स्वीकार करने को तैयार है.

दिसंबर में फिर बढ़ सकता है Repo Rate

Sanjay Malhotra ने कहा कि Rate Hike Cycle की अवधि और उसकी सीमा वास्तविक Growth-Inflation Developments और भविष्य के Outlook पर निर्भर करेगी.

खास तौर पर Underlying Inflation, Price Pressures के व्यापक होने, Supply Shock के Second-Round Effects और Demand में बदलाव जैसे कारक महत्वपूर्ण होंगे.

विश्लेषकों के शुरुआती आकलन में कहा गया है कि आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं तो दिसंबर की Policy Review में एक और Rate Hike हो सकती है.

HDFC Bank के Economists को आने वाली बैठकों में कुल 50-75 basis points की और बढ़ोतरी की उम्मीद है. बैंक का अनुमान है कि RBI लगातार दो बैठकों में Rate Hike कर सकता है, बजाय इसके कि बढ़ोतरी को कई बैठकों में बांटा जाए.

हालांकि, बैंक के मुताबिक 100-125 basis points से ज्यादा की आक्रामक Rate Hike Cycle कई परिस्थितियों पर निर्भर करेगी.

इनमें West Asia Conflict, Input Costs में बढ़ोतरी का Retail Inflation पर असर, El Niño की स्थिति और Winter Crops पर उसका प्रभाव, Global Volatility तथा बढ़ती ब्याज दरों के बीच Growth और Demand की स्थिति प्रमुख हैं.

HDFC Bank ने कहा कि लंबा और ज्यादा बड़ा Rate Hike Cycle पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता, लेकिन फिलहाल इसकी संभावना कम है.

ICRA को भी दिसंबर में एक और बढ़ोतरी की उम्मीद

ICRA ने FY2027 के लिए अपना Baseline GDP Growth Projection 7.1 फीसदी रखा है, जो MPC के अनुमान के अनुरूप है.

हालांकि, संस्था ने Outlook के सामने कुछ जोखिम भी बताए हैं. इनमें कमजोर Monsoon, बढ़ती Global Energy Prices का Corporate Profits पर असर और सितंबर 2025 में GST Rate Cuts के कारण आने वाला Adverse Base Effect शामिल हैं.

ICRA ने FY2027 में CPI Inflation का अपना Baseline अनुमान 5 फीसदी रखा है, जो MPC के अनुमान से कम है.

लेकिन अगर Crude Oil Prices ऊंची रहती हैं तो Inflation 5.3-5.5 फीसदी तक जा सकती है. ऐसी स्थिति में GDP Growth घटकर करीब 6.8 फीसदी रह सकती है.

ICRA के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में दिसंबर 2026 की बैठक में 25 basis points की एक और Rate Hike हो सकती है. इसके बाद Pause की संभावना है, जब तक Inflation को लेकर कोई बड़ा नकारात्मक संकेत सामने नहीं आता.

UBS को 50-75 bps की Rate Hike Cycle की उम्मीद

UBS Chief India Economist Tanvee Gupta Jain के मुताबिक Headline Inflation FY2027 की तीसरी तिमाही से लगातार तीन quarters तक 5.5 फीसदी से ऊपर रह सकती है.

यह RBI के 4 फीसदी के Medium-Term Inflation Target से काफी ज्यादा होगा.

उनके मुताबिक जैसे-जैसे Inflation बढ़ेगी, Real Policy Rates Negative हो सकती हैं. ऐसे में Monetary Policy को फिर से Recalibrate करने की जरूरत पड़ेगी.

UBS को कुल मिलाकर 50-75 basis points की Rate Hike Cycle की उम्मीद है, जिसमें दिसंबर में एक और 25 basis points की बढ़ोतरी संभव है.

वहीं SBI Funds Management की Chief Economist Namrata Mittal को पूरे Rate Cycle में करीब 75 basis points की और बढ़ोतरी की उम्मीद है. इससे Repo Rate 6 फीसदी तक पहुंच सकता है.

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि Global Economic Environment अभी काफी तेजी से बदल रहा है.

RBI के सामने महंगाई सबसे बड़ी चुनौती

RBI Governor Sanjay Malhotra ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों से साफ है कि Inflation और उसका Outlook पिछले साल जितना अनुकूल नहीं है.

अगले तीन quarters में Headline CPI Inflation का औसत करीब 5.8 फीसदी रहने का अनुमान है.

वहीं इस Financial Year में Core Inflation करीब 4.4 फीसदी रहने का अनुमान है.

ऐसे माहौल में RBI के लिए Policy Rate को Recalibrate करना जरूरी हो गया है.

ये भी पढ़ें- GST Council की 57वीं बैठक क्यों अहम, Taxpayers को क्या मिलेगा?

यानी आने वाले महीनों में RBI के सामने सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें कितनी बढ़ाई जाएं और Growth पर पड़ने वाले दबाव को कितना सहन किया जाए.

क्योंकि अगली Rate Hike का असर सिर्फ Banking System तक सीमित नहीं रहेगा. इसका सीधा असर Home Loan, Personal Loan, Business Loan, EMI, Working Capital और Investment पर पड़ सकता है.

Last Updated on October 8, 2026 8:46 am

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