Greater Noida PNB Scam: 10.24 करोड़ की धोखाधड़ी में बैंक कर्मचारी समेत दो गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा के PNB बैंक घोटाले में CBI ने 10.24 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में बैंक कर्मचारी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन बेचने वाले किसानों की बचत और फिक्स्ड डिपॉजिट गायब होने का आरोप है. जानिए कैसे सामने आया पूरा बैंक फ्रॉड.

PNB के खातों से कैसे गायब हुए 10.24 करोड़ रुपये? CBI जांच तेज
PNB के खातों से कैसे गायब हुए 10.24 करोड़ रुपये? CBI जांच तेज

Greater Noida PNB Scam: ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा में कथित तौर पर 10.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में बैंक की एक कर्मचारी भी शामिल है. इस मामले में बैंक कर्मचारी की गिरफ्तारी को जांच की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.

गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान दीपांशी के रूप में हुई है. वह पंजाब नेशनल बैंक की ग्रेटर नोएडा शाखा में ऑफिस असिस्टेंट/सब स्टाफ के पद पर काम करती थी. बैंक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में उसका नाम शामिल था. इस मामले में गिरफ्तार होने वाली वह पहली बैंक कर्मचारी है.

यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही कई ग्राहकों ने आरोप लगाया था कि उनके बचत खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से पैसे गायब हो गए हैं. इनमें ज्यादातर वे किसान हैं, जिन्होंने जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी जमीन बेची थी.

द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित किसानों में से कई ने अपनी जिंदगी भर की कमाई बैंक में जमा की थी. उनका इरादा इन पैसों से घर बनाने और बच्चों की शादी करने का था. कथित धोखाधड़ी के सामने आने के बाद ग्रेटर नोएडा के बिरौंडी गांव के कई परिवारों के सामने आर्थिक अनिश्चितता खड़ी हो गई है. इस गांव में ही सबसे ज्यादा प्रभावित किसान रहते हैं.

10.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कैसे हुई?

CBI ने बैंक की शिकायत के आधार पर 29 अक्टूबर को इस मामले में केस दर्ज किया था.

बैंक की शिकायत के मुताबिक, दीपांशी ने कथित तौर पर एक निजी व्यक्ति और कुछ अज्ञात लोगों के साथ मिलकर कई ग्राहकों के खातों से 10.24 करोड़ रुपये के अनधिकृत डेबिट ट्रांजैक्शन किए.

आरोप है कि उसने बैंक अधिकारियों के लॉगिन क्रेडेंशियल का दुरुपयोग किया. इसके अलावा खातों में होने वाले लेनदेन के अलर्ट बंद कर दिए गए, ताकि ग्राहकों को उनके खातों से पैसे निकाले जाने की जानकारी न मिल सके.

जांच एजेंसी के मुताबिक, ग्राहकों की बचत और फिक्स्ड डिपॉजिट की रकम कथित तौर पर दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाली गई.

बैंक की ओर से यह शिकायत उसके अधिकृत प्रतिनिधि और चीफ मैनेजर अजय कुमार पांडेय ने बैंक रिकॉर्ड के आधार पर दर्ज कराई थी.

बैंक की शिकायत में किन लोगों के नाम शामिल?

बैंक की शिकायत में दीपांशी के अलावा खाताधारकों आशुतोष पाठक, प्रदीप कुमार, मेंबवंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी के नाम भी दर्ज किए गए हैं. शिकायत में कुछ अज्ञात लोगों और सरकारी कर्मचारियों का भी जिक्र है.

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और खातों में हेराफेरी जैसे आरोपों में मामला दर्ज किया गया है.

किसानों की शिकायत के बाद पहले भी दर्ज हुई थी FIR

इस मामले में CBI की कार्रवाई से पहले गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने भी FIR दर्ज की थी. यह FIR पंजाब नेशनल बैंक के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज की गई थी.

दरअसल, कई किसानों ने पुलिस से शिकायत की थी कि उनके बचत खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा रकम गायब हो गई है. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी.

पुणे की अदालत से लिया गया ट्रांजिट रिमांड

CBI ने बताया कि गिरफ्तार निजी व्यक्ति को दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए पुणे की विशेष CBI अदालत से ट्रांजिट रिमांड लिया गया है.

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जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है. अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर होगा कि कथित धोखाधड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे, बैंक के सिस्टम और लॉगिन का इस्तेमाल किस तरह किया गया और किसानों की जमा पूंजी आखिर कहां गई.

Last Updated on November 4, 2026 8:20 am

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