Operation Sindoor Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर देश में एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस ने सरकार की कूटनीतिक रणनीति और युद्धविराम को लेकर सवाल उठाए हैं, तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सैन्य अभियान को आतंकवाद के खिलाफ भारत की “दृढ़ प्रतिक्रिया” और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति “अटल प्रतिबद्धता” का प्रतीक बताया है।
सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत द्वारा किए गए व्यापक कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान उस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग नहीं पड़ा, जैसा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद हुआ था। पार्टी ने दावा किया कि इसके उलट पाकिस्तान को अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान से प्रशंसा मिली।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर कांग्रेस ने यह भी याद दिलाया कि इस अभियान को अचानक रोकने वाले युद्धविराम की पहली घोषणा 10 मई 2025 को शाम 5:37 बजे भारतीय समयानुसार अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की थी।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा, “जब हम ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की पहली वर्षगांठ मना रहे हैं और अपनी सशस्त्र सेनाओं की उपलब्धियों को सलाम कर रहे हैं, तब यह याद रखना जरूरी है कि ऑपरेशन सिंदूर को अप्रत्याशित रूप से रोकने वाले युद्धविराम की पहली घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की थी। उन्होंने दावा किया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप से यह संभव हो पाया।”
कांग्रेस के इन आरोपों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना की बहादुरी, सटीकता और संकल्प का उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि एक साल पहले भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय साहस और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन किया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति हमारी अटल प्रतिबद्धता का प्रतीक था। इस अभियान ने हमारी सेनाओं की प्रोफेशनल क्षमता, तैयारी और समन्वित ताकत को भी दुनिया के सामने रखा।”
उन्होंने कहा कि पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने वालों को भारतीय सेनाओं ने करारा जवाब दिया था और पूरा देश सेना के शौर्य को सलाम करता है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस अभियान ने भारतीय सुरक्षा बलों के बीच बढ़ते तालमेल और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की प्रगति को भी उजागर किया।
दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर 7 मई से 10 मई 2025 के बीच भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना और बीएसएफ द्वारा पश्चिमी सीमा पर चलाया गया संयुक्त सैन्य अभियान था। इस दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया था।
यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अब एक साल बाद भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है। विपक्ष जहां सरकार की कूटनीतिक रणनीति और युद्धविराम की परिस्थितियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं केंद्र सरकार और बीजेपी इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक सैन्य कार्रवाई के तौर पर पेश कर रहे हैं।
Last Updated on May 7, 2026 11:03 am
