तमिलनाडु में सरकार गठन पर विवाद: क्या राज्यपाल ने रोका सबसे बड़ी पार्टी का हक?

1989 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री एस. आर. बोम्मई की सरकार को राज्यपाल ने यह कहते हुए बर्खास्त कर दिया था कि उन्होंने बहुमत खो दिया है, जबकि बोम्मई ने सदन में बहुमत साबित करने का मौका मांगा था. जब मामला सुप्रीम कोर्ट में गया तो 9 जजों की संवैधानिक पीठ ने स्पष्ट किया कि बहुमत का परीक्षण केवल विधानसभा के फ्लोर पर होगा , न कि राज्यपाल की व्यक्तिगत राय या गणना के आधार पर.

TVK Denied Invite
TVK Denied Invite

TVK Denied Invite: तमिलनाडु की सियासत एक बार फिर उस पुराने लेकिन बेहद अहम सवाल के सामने खड़ी है—सरकार बनाने का फैसला राजभवन करेगा या विधानसभा का फ्लोर? ताजा विवाद की शुरुआत राजभवन के उस बयान से होती है, जिसमें कहा गया कि तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) अब तक बहुमत के लिए पर्याप्त विधायकों का समर्थन जुटाने में असफल रही है। इसी आधार पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया।

 

Last Updated on May 7, 2026 5:34 pm

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