NEET Result Dispute: नीट यूजी (2026) के एक कैंडिडेट के स्कोर कार्ड से जुड़ा मामला हैरान कर देने वाला है. छात्र के मुताबिक, उसका स्कोर कार्ड 24 घंटे में 3 बाद बदला गया. सवाल उठता है कि क्या नीट परीक्षा के मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी तरह सही थी? क्या उम्मीदवारों के रिकॉर्ड को संभालने का तरीका सही था? आखिर NTA के रिकॉर्ड संभालने के तरीके की निष्पक्षता पर सवाल क्यों उठ रहा है? आइए, जानते हैं कि इस मामले में छात्र की हाईकोर्ट के क्या मांग है और पूरा मामला क्या है.
छात्र का आरोप 24 घंटे में 3 बार बदला गया स्कोर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NEET UG 2026 के एक छात्र ने अपना स्कोर बार-बार बदलने और OMR शीट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. छात्र का कहना है कि NTA की वेबसाइट पर उसका स्कोर 24 घंटे के भीतर तीन बार बदल गया और उसे दिखाई गई OMR शीट भी उसका असली आंसर शीट नहीं है.
क्या है NEET UG से जुड़ा नया मामला?
याचिका के मुताबिक, छात्र ने 21 जून 2026 को NEET UG परीक्षा दी थी. प्रोविजनल और फाइनल आंसर-की से मिलान करने के बाद उसे उम्मीद थी कि उसके करीब 620 अंक आएंगे. लेकिन, 16 जुलाई को जब रिजल्ट आया तो NTA की वेबसाइट पर पहले उसका स्कोर 650 अंक दिखा.
कुछ देर बाद दोबारा लॉग-इन करने पर वही स्कोर 500 अंक हो गया. अगले दिन वेबसाइट पर उसका स्कोर घटकर 135 अंक दिखने लगा. छात्र का आरोप है कि NTA ने इन बदलावों की कोई वजह नहीं बताई.
OMR शीट को लेकर क्या है छात्र की आपत्ति?
स्कोर बदलने के बाद छात्र ने NTA को कई ईमेल भेजे और RTI के जरिए अपनी OMR शीट और मूल्यांकन से जुड़े रिकॉर्ड मांगे. 20 जुलाई को वह NTA कार्यालय पहुंचा, जहां अधिकारियों ने कंप्यूटर पर एक OMR शीट दिखाई और कहा कि यही उसकी उत्तर पुस्तिका है.। लेकिन छात्र का कहना है कि यह वह OMR शीट नहीं है जिसे उसने परीक्षा के दौरान भरा था. बाद में यही OMR शीट उसे ईमेल भी कर दी गई.
रिकॉर्ड में भी बताई गलती
याचिका में यह भी कहा गया है कि NTA की कैलकुलेशन शीट में परीक्षा की तारीख 21 जून 2026 की जगह 21 जुलाई 2026 लिखी गई है. छात्र का कहना है कि इससे रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं.
कोर्ट से क्या है छात्र की मांग?
- उसकी असली फिजिकल OMR शीट कोर्ट में पेश की जाए.
- OMR से जुड़े सभी डिजिटल रिकॉर्ड, जैसे सर्वर लॉग, स्कैनिंग लॉग और ऑडिट ट्रेल सुरक्षित रखे जाएं.
- किसी स्वतंत्र फोरेंसिक एक्सपर्ट या कोर्ट कमिश्नर से OMR और रिकॉर्ड की जांच कराई जाए.
- जांच पूरी होने तक उसे NEET UG 2026 की काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जाए.
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कब होगी सुनवाई?
इस मामले पर शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है. कोर्ट यह तय करेगा कि NTA को छात्र की मूल OMR शीट और उससे जुड़े रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया जाए या नहीं.
Last Updated on July 30, 2026 11:51 am
