Abhijeet Dipke on PM Modi:सीजेपी नेता अभिजित दिपके द्वारा प्रधानमंत्री पर कसा गया तंज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपने घर लौटे दिपके ने मीडिया के कई सवालों का जवाब दिया. मीडिया ने सीजेपी फाउंडर से कई विषयों को लेकर किया. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज करते हुए कहा वह इन्फ्लुएंसर के तौर पर ज्यादा बेहतर लगेंगे, उन्हें पीएम की कुर्सी छोड़ देनी चाहिए? अभिजित दिपके से मीडिया के सवाल क्या थे और उन्होंने क्या जवाब दिया?
क्या है दिपके का PM पर ‘इन्फ्लुएंसर’ वाला तंज?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें देश के सबसे ऊंचे पद से हट जाना चाहिए और इसके बजाय “इन्फ्लुएंसर” बन जाना चाहिए. उन्होंने NEET पेपर लीक को लेकर देश भर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच छात्रों तक पहुँचने के लिए प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया इस्तेमाल का मज़ाक उड़ाया.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपने घर लौटने पर मीडिया से बात करते हुए दिपके ने कहा कि PM मोदी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर ज़्यादा बेहतर लगेंगे और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए ताकि कोई और देश चलाने का काम कर सके.
सीजेपी नेता ने कहा-“मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी को अब इन्फ्लुएंसर बन जाना चाहिए. वह एक इन्फ्लुएंसर के तौर पर अच्छा काम कर रहे हैं. उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़ देनी चाहिए ताकि कोई दूसरा नेता यह काम संभाल सके,” दिपके ने तब कहा जब मीडिया ने उनसे सोशल मीडिया पर छात्रों को संबोधित करने वाले प्रधानमंत्री के वीडियो के बारे में पूछा.
दीपके ने क्यों कहा आने वाले चुनावों में सबक सिखाएंगे?
CJP के फाउंडर ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी छात्र प्रदर्शनकारियों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने राज्य सरकारों पर प्रदर्शनों में शामिल लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया- “CJP का विरोध-प्रदर्शन खत्म होने के बाद, अलग-अलग राज्यों की सरकारें प्रदर्शनकारियों को ढूंढ रही हैं और उन्हें परेशान कर रही हैं. सरकार को छात्रों को परेशान करना बंद कर देना चाहिए. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो प्रदर्शनकारी आने वाले चुनावों में उन्हें सबक सिखाएंगे,”
उन्होंने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से जनता का गुस्सा कम नहीं हुआ है. “केंद्रीय मंत्री के इस्तीफ़े से ही प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. यह गुस्सा सरकार के ख़िलाफ़ था.” दिपके ने सवाल उठाते हुए कहा- “BJP युवाओं के गुस्से को समझने में क्यों नाकाम रही”.
अभिजित दिपके ने चेतावनी देते हुए कि अगर छात्रों को निशाना बनाना जारी रहा, तो विरोध-प्रदर्शन फिर से शुरू हो सकता है. दिपके ने कहा कि सरकार को विरोध-प्रदर्शन के खत्म होने को आंदोलन के खत्म होने की ग़लती नहीं समझनी चाहिए. उन्होंने कहा- “ये छात्र आतंकवादी नहीं हैं. वे हमारे देश का भविष्य हैं. अगर देश के भविष्य को इस तरह परेशान किया जाएगा, तो कल हम सरकार को बदल देंगे अगर वह सही रास्ते पर नहीं आई,”
पैलेट गन के इस्तेमाल पर क्या कहा?
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ज़रूरत पड़ने पर अगला आंदोलन बहुत बड़े पैमाने पर होगा. CJP के संस्थापक ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की भी मांग की. उन्होंने कहा- “चाहे अमित शाह हों या कोई और जिस व्यक्ति ने पैलेट गन चलाने का आदेश दिया, उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए.”
यह भी पढ़ें: कौन हैं मोहम्मद इरफान? चर्चा में क्यों और क्या है सरकार से उनकी मांग
प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न को लेकर क्या कहा?
शनिवार को प्रधान के इस्तीफ़े के बाद CJP समर्थकों द्वारा जश्न मनाने पर हुई आलोचना का जवाब देते हुए, दिपके ने वॉलंटियर्स का बचाव किया और कहा कि उन्होंने मुश्किल हालात में 36 दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था. उन्होंने कहा, “वॉलंटियर्स 36 दिनों तक तेज़ धूप और बारिश में बैठे रहे. इतनी बड़ी जीत के बाद जश्न मनाने में क्या बुराई है? चुनाव जीतने के बाद BJP क्या करती है? वॉलंटियर्स ने BJP के लोगों की तरह सड़कें जाम नहीं कीं.”
मीडिया से बात करते हुए दिपके ने इस्तीफ़े के बाद संसद में धर्मेंद्र प्रधान को सम्मानित करने के BJP के फ़ैसले पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा- “क्या छात्रों के आत्महत्या करने के बाद संसद में धर्मेंद्र प्रधान को सम्मानित करने में BJP को ज़रा भी शर्म नहीं आई?”
यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? CJP ने दायर की थी याचिका
फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर क्या कहा?
दिपके ने पेपर लीक मामलों से निपटने के तरीके को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकार के वादों और उनके कामों में कोई मेल नहीं है. उन्होंने कहा- “तीन दिन पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट का वादा किया था. लोग खुश थे. लेकिन क्या हुआ? मामले की पहली सुनवाई ही टाल दी गई क्योंकि CBI के वकील पेश नहीं हुए.”
कंगना रनौत की प्रतिक्रिया पर क्या कहा?
आख़िर में CJP के विरोध प्रदर्शनों की BJP सांसद कंगना रनौत द्वारा की गई आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने उन्हें ‘पार्ट-टाइम राजनेता’ कहकर खारिज कर दिया और कहा कि वह उन्हें एक गंभीर राजनीतिक हस्ती नहीं मानते. उन्होंने कहा- “मैं केवल गंभीर राजनेताओं के बयानों पर ही प्रतिक्रिया दूंगा.”
Last Updated on July 30, 2026 8:40 pm
