क्या विदेशी ताकतें चला रही हैं भारत की राजनीति? Rahul Gandhi का बड़ा आरोप

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि वह विदेशी ताकतों की मदद से सत्ता में आए और अब भी उनका समर्थन हासिल है. अमित शाह ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को वेंटिलेटर पर पड़ी पार्टी बताया. ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर भी कांग्रेस-BJP के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है.

PM मोदी को बहस की चुनौती, राहुल के आरोपों पर अमित शाह ने क्या कहा?
PM मोदी को बहस की चुनौती, राहुल के आरोपों पर अमित शाह ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी. उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी विदेशी ताकतों की मदद से सत्ता में आए और अब भी प्रधानमंत्री बने रहने के लिए उन्हें विदेशी समर्थन मिल रहा है.

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने. विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं. आपकी पूरी वित्तीय व्यवस्था विदेशियों के नियंत्रण में है और उनका समर्थन प्राप्त है. विदेशी सोशल मीडिया भी पूरी तरह आपका समर्थन करता है. मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं. कोई भी मंच हो, कोई भी समय हो. अगर हिम्मत है तो आइए. आप ऐसा करने की हिम्मत नहीं करेंगे, क्योंकि आप इस बात से डरे हुए हैं कि मुझे आपके बारे में क्या पता है.”

राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पलटवार किया. हैदराबाद में बीजेपी की देशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा.

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, अमित शाह ने कहा, “कांग्रेस पार्टी खुद वेंटिलेटर पर है. क्या वेंटिलेटर पर पड़ी पार्टी मोदी जी के साथ मैराथन दौड़ सकती है? राहुल जी, मोदी जी को छोड़िए. तेलंगाना युवा मोर्चा का मेरा अध्यक्ष भी आपको हरा देगा.”

शाह ने आगे कहा, “आज हैदराबाद की सड़कों पर हजारों लोग खड़े हैं. कल दिल्ली में भी एक रैली हुई थी. राहुल जी ने रैली की और दावा किया कि यह ‘वोट बचाओ’ रैली है. लेकिन यह वोट बचाओ रैली नहीं थी, बल्कि घुसपैठियों को बचाओ रैली थी.”

मोदी के बयान के बाद बढ़ा सियासी टकराव

राहुल गांधी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण के दो दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा था कि कुछ ताकतें देश को बांटने की साजिश कर रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल अफवाह फैलाने और भारत की छवि खराब करने के लिए किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, “ये ताकतें लगातार देश को बांटने की साजिश में जुटी हुई हैं. मां भारती की संतानों को बांटने और एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिशें की जा रही हैं.”

उन्होंने विपक्षी नेताओं को विदेशी संस्थाओं से मदद मिलने का आरोप लगाते हुए कहा था, “हमें यह पहचानना होगा कि विदेश में कौन चुपचाप किससे मिल रहा है, भारत विरोधी ताकतें किसका समर्थन कर रही हैं और कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है.”

कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन और बीजेपी के बीच लगातार जारी बयानबाजी के बीच यह नया विवाद सामने आया है.

रामलीला मैदान की रैली में भी राहुल ने मोदी-शाह को घेरा था

इससे पहले रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा था. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर दोनों नेताओं को सत्ता तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप लगाया था.

राहुल गांधी ने कहा था, “अगर ज्ञानेश कुमार नहीं होते तो न नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते और न ही अमित शाह गृह मंत्री बनते.”

अमित शाह के इस बयान पर कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं, राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा था, “ज्ञानेश कुमार के बाद हम आपके पास आएंगे. कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आप कहीं भाग नहीं सकते.”

‘मॉक पार्लियामेंट’ में भी चुनाव आयोग पर उठाए थे सवाल

रामलीला मैदान की रैली से एक दिन पहले राहुल गांधी ने दिल्ली में INDIA गठबंधन के दलों की ओर से आयोजित ‘मॉक पार्लियामेंट’ को संबोधित किया था. इसमें विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था.

विपक्ष ने उन पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता से समझौता करने का आरोप लगाया था.

इस ‘मॉक पार्लियामेंट’ की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार ने की थी, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था.

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा था, “हम उनसे निपटेंगे, लेकिन आप उनके औजार हैं. इसलिए हमारा पहला निशाना आप हैं.”

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कुल मिलाकर, ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयोग, कथित विदेशी हस्तक्षेप और लोकतंत्र के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है.

Last Updated on November 3, 2026 8:50 am

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