ICC Women’s World Cup: India vs South Africa के बीच फाइनल- कौन बनेगा चैंपियन?

– राजेश यादव
ICC Women’s World Cup: दो नवंबर को DY पाटिल स्टेडियम में महिला विश्व कप का फाइनल मैच खेला जाएगा और इसकी सबसे बड़ी बात ये होगी कि महिला विश्व कप को एक नया चैंपियन मिलेगा, वो टीम भारत होगी या दक्षिण अफ़्रीका, ये एक बड़ा सवाल है। ये एक रोमांच है जो दो नवंबर को हमें देखने को मिलेगा। दोनों ही टीमें जिस तरह से फाइनल मैच में पहुंची हैं, वो बड़ा रोमांचक रहा है।
एक तरफ़ टीम इंडिया है, जो सात बार के विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल मैच में रोमांचक अंदाज़ में 5 विकेट से हराती है और फाइनल तक का सफ़र तय करती है। ये वही टीम इंडिया है, जो इसी विश्व कप में एक समय 3 मैच हारकर सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन प्रतिमा रावल और स्मृति मंधाना के शानदार प्रहार के मदद से वो न्यूज़ीलैंड को हराती है और सेमीफाइनल में पहुंचती है।
सेमीफाइनल में जेमिमा रोड्रिग्ज और कप्तान हरमनप्रीत कौर की जबरदस्त 167 रन की साझेदारी, ऋचा घोष के बहुमूल्य 26 रन, दीप्ति शर्मा की गेंदबाज़ी और महत्वपूर्ण 24 रन, और अमनजोत कौर के वो बहुमूल्य 15 रन के योगदान के साथ ही जीत की पटकथा लिखी जाती है। और हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि राधा यादव ने ऑस्ट्रेलिया की एलिसा पेरी को जिस तरह से आउट कर ऑस्ट्रेलिया की मज़बूत होती साझेदारी को तोड़ा था, वो भी इस जीत की पटकथा का सूत्रधार रही है।
फाइनल तक का सफ़र रोमांचक अंदाज़ में :
कुल मिलाकर, एक रोमांचक अंदाज़ में टीम इंडिया ने जीत का सफ़र तय करते हुए फाइनल तक तीसरी बार स्थान बनाया है। वहीं, दूसरी तरफ़ दक्षिण अफ़्रीका का सफ़र भी कम उतार-चढ़ाव भरा नहीं रहा है। सोचिए, जिस इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पूरी दक्षिण अफ़्रीका शुरुआती मैचों में 69 रनों पर आउट हो चुकी थी और मैच हार चुकी थी, उसी इंग्लैंड को सेमीफाइनल मैच में यही टीम हराती है, वो भी जबरदस्त अंदाज़ में हराती है और फाइनल तक का सफ़र तय कर लिया है।
देखना होगा कि कौन बाज़ी मारता है ?
हालांकि, विश्व कप के शुरुआती मुक़ाबले जो भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच खेले गए थे, उसमें दक्षिण अफ़्रीका ने टीम इंडिया को हराया था। वो मैच भी उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा था। ऐसे में फाइनल में किसका पलड़ा भारी रहेगा, ये एक बड़ा सवाल है। दोनों ही टीमें पहली बार विश्व कप के फाइनल में एक दूसरे के आमने-सामने होंगी, तो ऐसे में देखना होगा कि कौन बाज़ी मारता है।
टीम इंडिया की जीत काबिल-ए-तारीफ, वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा रन चेज़
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सेमीफाइनल मैच में जेमिमा रोड्रिग्ज और कप्तान हरमनप्रीत कौर के बीच 167 रन की साझेदारी ने मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया था। ऑस्ट्रेलिया की दो बड़ी गलतियों ने उनकी हार का कारण बना, जब जेमिमा 83 रन पर थीं तो एलिसा पेरी ने उनका कैच छोड़ा था, और जब जेमिमा 107 रन पर थीं तो फिर से उनका कैच ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ियों ने छोड़ दिया था। ये दो बड़े मौके थे जब ऑस्ट्रेलिया मैच में वापसी कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
राधा यादव की गेंद पर एलिसा पेरी का बोल्ड आउट होना भी एक बड़ा मोमेंट था, जिसने ऑस्ट्रेलिया के स्कोर को कम कर दिया था। अगर एलिसा पेरी कुछ देर और टिक जाती तो ऑस्ट्रेलिया का स्कोर और बड़ा हो सकता था, जो टीम इंडिया के लिए संकट का कारण हो सकता था। टीम इंडिया की जीत काबिल-ए-तारीफ है, क्योंकि उन्होंने वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा रन चेज़ करके जीता है।
हम विश्व चैंपियन हो सकते हैं 
इस बार भारत की संभावनाएं वास्तव में बेहतर हैं और हम विश्व चैंपियन हो सकते हैं। 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ 9 रन की कसक थी, शायद इस बार पूरी हो जाए। अगर भारत दक्षिण अफ़्रीका को हराकर चैंपियन बनता है, तो ये एक बड़ा संजोग होगा, क्योंकि टी – 20 वर्ल्ड कप में भी हमने दक्षिण अफ़्रीका को हराकर चैंपियन बने थे।
लेकिन दक्षिण अफ़्रीका को कमजोर समझने की भूल हमें नहीं करनी चाहिए, वो भी एक जबरदस्त टीम है और उनका सफर शानदार रहा है। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हिली ने अपनी टीम की बहुत गजब की अगुवाई की है और इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि उन्होंने इस वर्ल्ड कप में सभी मैच जीते थे, हारे आके सेमीफाइनल मैच में।
कैच नहीं छूटते तो कहानी कुछ और होती
एलिसा हिली ने मैच के बाद जिस तरह से अपनी टीम और खिलाड़ियों की तारीफ की, वो इस बात को साबित करता है। लगभग हर एक मैच में ऑस्ट्रेलिया का कोई ना कोई खिलाड़ी ऐसा प्रदर्शन कर जाता था जो ऑस्ट्रेलिया को मैच जिताने में बड़ा योगदान रहता था। लेकिन इस सेमीफाइनल मैच में एलिसा हिली ने स्वयं माना कि अगर उनकी टीम थोड़े से और रन बनाती और कैच नहीं छूटते तो कहानी कुछ और होती।
एलिसा हिली के लिए ये मोमेंट थोड़ा दर्दनाक है, लेकिन उन्होंने टीम इंडिया के प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि वे उसकी हकदार थी और उन्होंने बहुत अच्छा खेल दिखाया है। निश्चित तौर पे इंडिया ने जोश, जूनून और फिर मैच के बाद जो इमोशन हमने देखा है वो काबिले तारीफ है।
जेमिमा के इमोशन उनकी आंखों से बहते आंसू सारी कहानी कह रहे थे:
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी माना कि उनकी टीम बेहद शानदार रही, भले टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में कुछ अहम मौके पे बिचुक गए लेकिन इस मैच में अंतिम ओवरों में जिस तरह से टीम इंडिया ने खेल दिखाया है जिस गजब का प्रदर्शन उनके खिलाड़ियों ने किया है उसे देखकर उन्होंने कहा कि उनकी टीम बहुत बेहतरीन टीम है और जेमिमा रोड्रिग्ज की उन्होंने खास तौर पे तारीफ की उनके जोश और जज्बे के साथ थी उन्होंने उनके धीरज की बड़ी प्रशंसा की और ये एक बड़ी बात थी जो मैच में जीत का अहम फैक्टर बनी।
जहां तक जेमिमा की बात है तो जेमिमा के इमोशन उनकी आंखों से बहते आंसू सारी कहानी कह रहे थे। और उन्होंने जिस तरह से जीसस को धन्यवाद दिया और जो ये कहा कि उनको लग रहा था कि कोई शक्ति है जो कह रही है खड़े रहो तुम्हारे लिए चीजें हो जाएंगी और वो वास्तव में उनका नाबाद बीच में खड़े रहना ही टीम इंडिया की जीत की पटकथा लिख गया।
दरअसल, भारत जिस तरह से जीता है, उसमें भावनाएं हैं, देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं। लड़कियों ने क्रिकेट जगत में वो किया है, जिसकी धमक लंबे समय तक सुनाई देगी। इस जीत में भावनाएं हैं खिलाड़ियों की, जनता की और सही मायनों में क्रिकेट की।
और ये बात ज़ेमिमा के शब्दों में कहें तो, जब वो कहती हैं कि बात मेरे 50 या 100 की नहीं थी, बात टीम की जीत की थी और मुझे वहां खड़े रहकर टीम को जीत दिलाना था। जब वो कहती हैं कि मेरे पिछले एक महीने उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं, मैं कई सारी भावनाओं से गुजरी हूं, लेकिन जब वो जीत की पटकथा लिख देती हैं तो वहां से एक नई इबारत शुरू होती है।
उनकी खुशी में गिरते आंसू डीवाई पाटिल की सरजमीं को सलाम करती ज़ेमिमा और जीसस को याद करती ज़ेमिमा जब अपनी बातें कहती हैं तो उनके भावनाओं को समझा जा सकता है कि खड़े रहो, चीजें अपने आप हो जाएंगी और उन्होंने वो किया। और इन सब बातों के लिए उन्होंने जीसस को जिस तरह से याद किया, धन्यवाद दिया, वो बताता है कि वो किस भावनात्मक चरण से गुजर रही थीं।
और कोई समर्थन था, चाहे वो टीम का था, चाहे खिलाड़ियों का था, चाहे जनता का था, चाहे उस सरजमीं का था जहाँ वो खेल रही थीं, अपने उसी होम ग्राउंड पर जीतना वास्तव में किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी बात होती है। अपना शहर, अपने लोग, अपने देश और अपने देश के लिए इतनी बड़ी जीत निसंदेह भावनाओं का प्रतीक है।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और पूर्व में दैनिक भास्कर हाईपर लोकल हेड और इंडिया टीवी में बतौर डिजिटल हेड कार्यभार संभाल चुके हैं… उनके फेसबुक पेज से.. 

Last Updated on November 3, 2025 10:09 am

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