नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो लगातार तीसरे दिन क्रू की कमी और नए एविएशन सेक्टर सुरक्षा नियमों (FDTL) की वजह से ऑपरेशन पर दबाव महसूस कर रही है। हज़ारों यात्री दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर अपनी उड़ानों के रद्द होने या देर से चलने की समस्या का सामना कर रहे हैं। सवाल यह है कि यह इंडिगो की लापरवाही है या सरकार की, जिसने नए नियमों को रातों-रात लागू कर दिया और एयरलाइन कंपनियों को तैयारी के पर्याप्त समय नहीं दिया।
Indigo की उड़ानों पर असर
PTI के अनुसार, गुरुवार को देश के 10 से अधिक हवाई अड्डों पर इंडिगो की 550 से अधिक उड़ानें कैंसिल हुई हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर 172, मुंबई में 118, बेंगलुरु में 100, हैदराबाद में 75, कोलकाता में 35, चेन्नई में 26, गोवा में 11, जयपुर में 4 और इंदौर में 3 उड़ानें रद्द की गईं।
इतना बड़ा असर इसलिए भी पड़ा क्योंकि इंडिगो के पास देश की 60% से अधिक घरेलू उड़ानें हैं। दिन में लगभग 2,300 उड़ानें संचालित होने के कारण 10–20% उड़ानों के रद्द होने का मतलब 200–400 उड़ानों पर प्रभाव और हजारों यात्रियों के लिए भारी परेशानी है।
DGCA ने किया नया FDTL नियम लागू
DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने 1 जुलाई से पहले चरण और 1 नवंबर से दूसरे चरण के तहत पायलट और क्रू के लिए नया Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियम लागू किया। इसका उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्रू के पर्याप्त आराम पर जोर देना है।
नए नियमों के तहत:
-
पायलटों की रोजाना उड़ान समय 8 घंटे तक सीमित किया गया।
-
नाइट लैंडिंग की संख्या 6 से घटाकर 2 कर दी गई।
-
क्रू के लिए 24 घंटे में 10 घंटे का आराम अनिवार्य किया गया।
इन नियमों के लागू होने से एयरलाइन कंपनियों में पायलट और केबिन क्रू की अचानक कमी आ गई। DGCA के अनुसार, नवंबर में इंडिगो की 1,232 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें से 755 उड़ानें सीधे FDTL नियमों के कारण प्रभावित हुईं।
इंडिगो और DGCA की बैठक
गुरुवार को DGCA ने एयरलाइन के अधिकारियों से मुलाकात की। इंडिगो ने नए नियमों में छूट की मांग की और कहा कि ऑपरेशन सामान्य होने में तीन महीने लग सकते हैं। DGCA ने एयरलाइन को सुधार के लिए क्रू भर्ती और ट्रेनिंग का रोडमैप, रोस्टर रीस्ट्रक्चरिंग और सेफ्टी असेसमेंट तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट देने का भी आदेश दिया गया।
नागरिक उड्डयन मंत्री की नाराजगी
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने गुरुवार को रिव्यू मीटिंग में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नए नियमों को लागू करने का पर्याप्त समय था, फिर भी स्थिति इतनी बिगड़ गई। मंत्री ने एयरलाइन को निर्देश दिए कि ऑपरेशन जल्द सामान्य करें और किसी भी परिस्थिति में हवाई किराए में बढ़ोतरी न हो। साथ ही देरी या कैंसिलेशन की स्थिति में यात्रियों को होटल, खाना और अन्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
एयरपोर्ट्स पर स्थिति
मुंबई एयरपोर्ट: गुरुवार को कुल 86 उड़ानें रद्द, जिनमें 41 मुंबई आने वाली और 45 जाने वाली फ्लाइट्स शामिल थीं।
जयपुर और जोधपुर: जयपुर में 3 और जोधपुर से 4 इंडिगो फ्लाइट्स रद्द। ज्यादातर बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और कोलकाता रूट पर।
हैदराबाद एयरपोर्ट: राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 33 उड़ानें रद्द होने की आशंका, वहीं 35 आने वाली फ्लाइट्स भी प्रभावित।
इंदौर एयरपोर्ट: 3 फ्लाइट्स रद्द, बुधवार को भी 18 उड़ानों पर असर।
इंडिगो का कहना है कि रद्द की गई उड़ानों में दिल्ली, मुंबई, जयपुर, गोवा, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख रूट शामिल हैं।
Indigo के पास कितना स्टाफ है और फिर भी कमी क्यों?
इंडिगो के पास 434 विमान, 5,456 पायलट, 10,212 केबिन क्रू और 41 हजार से ज्यादा स्थायी कर्मचारी हैं। फिर भी क्रू की कमी क्यों?
-
नया FDTL नियम पायलटों के दैनिक उड़ान समय और नाइट लैंडिंग को घटा देता है।
-
क्रू को पर्याप्त आराम देना अनिवार्य किया गया।
-
एयरलाइन के पास इतने बड़े स्तर पर ऑपरेशन हैं कि थोड़ी सी कमी भी हजारों यात्रियों को प्रभावित कर देती है।
यात्रियों पर असर
हज़ारों यात्रियों का समय, काम और पैसे बर्बाद हो रहे हैं। इंडिगो का कहना है कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन सवाल उठता है कि रातों-रात कानून पास करने से पहले एयरलाइन और यात्रियों के लिए राहत का कोई प्रावधान क्यों नहीं रखा गया।
यात्रियों को केवल रिफंड नहीं, बल्कि वैकल्पिक उड़ान, होटल और खाना जैसी सुविधाएं भी जरूरी हैं। DGCA और सरकार का ध्यान केवल नियम लागू करने पर रहा, जबकि हज़ारों लोग बिना तैयारी के मुश्किल में पड़ गए।
सवाल यह है: किसकी लापरवाही?
-
सरकार की: रातों-रात FDTL नियम पास कर दिए गए, तैयारी का पर्याप्त समय नहीं दिया।
-
इंडिगो की: बड़ी संख्या में उड़ानें ऑपरेट करते हुए क्रू की कमी का पूरा रोडमैप और बैकअप नहीं तैयार किया।
-
यात्रियों का नुकसान: पैसा, समय और काम बर्बाद।
निष्कर्ष
एविएशन सेक्टर में सुरक्षा नियम जरूरी हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन बिना तैयारियों के सीधे यात्रियों पर असर डालता है। Indigo और सरकार दोनों को जिम्मेदारी का संतुलन बनाना होगा। यात्रियों की सुविधा, एयरलाइन ऑपरेशन और सुरक्षा तीनों को साथ लेकर ही समाधान निकाला जा सकता है।
यह केवल इंडिगो का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे घरेलू एविएशन सेक्टर के लिए सावधानी का सबक है।
Last Updated on December 6, 2025 12:20 pm
