– हंसराज मीणा
नीचे दिख रहा वीडियो पंजाब के पटियाला स्थित रेलवे कारखाने का है, जहां एससी, एसटी कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक़ और मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज करा रहे थे। तभी अचानक PLW की PCPO प्रीति कटियार अपनी गाड़ी लेकर वहां से निकलीं और स्थिति ने खतरनाक रूप ले लिया। गाड़ी अचानक तेज़ रफ़्तार से भगाई गई, जिससे हिट एंड रन जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई।
एक कर्मचारी गाड़ी की चपेट में आते-आते बचा और कुछ दूरी तक बोनट पर लटकता रहा, लेकिन प्रीति कटियार ने ज़रा भी ध्यान नहीं दिया और गाड़ी लगातार भगाती रहीं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने दौड़कर उस कर्मचारी की जान बचाई, वरना यह लापरवाही एक बड़ी दुर्घटना और जनहानि में बदल सकती थी।
इस घटना ने न सिर्फ रेलवे प्रशासन की गैरजिम्मेदारी और असंवेदनशील रवैये को उजागर किया है, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हैरानी की बात है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद न तो स्थानीय प्रशासन ने प्रीति कटियार पर मुकदमा दर्ज किया और न ही रेलवे विभाग ने इस जातिवादी मानसिकता वाली अधिकारी को सस्पेंड करने की ज़रूरत समझी।
ये वीडियो पंजाब के पटियाला स्थित रेलवे कारखाने का है, जहां एससी, एसटी कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक़ और मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज करा रहे थे। तभी अचानक PLW की PCPO प्रीति कटियार अपनी गाड़ी लेकर वहां से निकलीं और स्थिति ने खतरनाक रूप ले लिया। गाड़ी अचानक तेज़ रफ़्तार… pic.twitter.com/3vzfpQczJN
— Hansraj Meena (@HansrajMeena) August 24, 2025
प्रीति कटियार पर पहले से ही आरोप हैं कि उन्होंने SC/ST कर्मचारियों के प्रमोशन पर पाबंदी लगाकर उनके अधिकारों का हनन किया है और उनके कामकाज को जानबूझकर प्रभावित किया है। ऐसे में यह मामला केवल एक हादसा नहीं, बल्कि भेदभावपूर्ण सोच और सत्ता के दुरुपयोग का भी प्रमाण है। अब यह आवश्यक है कि रेलमंत्री स्वयं संज्ञान लेकर प्रीति कटियार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में न तो किसी कर्मचारी की जान से खिलवाड़ हो और न ही किसी वर्ग के अधिकारों का दमन हो सके।
लेखक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और समाज के पिछले पायदान पर खड़े लोगों की आवाज़ उठाते रहते हैं…
Last Updated on August 24, 2025 2:14 pm
