देशभर के 20 AIIMS में क्यों खाली हैं फैकल्टी के करीब एक-तिहाई पद, सरकार ने क्या कहा?

AIIMS Staff Shortage: देशभर के 20 एम्स में फैकल्टी के करीब एक-तिहाई पद खाली हैं. इसको लेकर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने क्या कहा?

देशभर के 20 AIIMS में क्यों खाली हैं फैकल्टी के करीब एक-तिहाई पद, सरकार ने क्या कहा?
देशभर के 20 AIIMS में क्यों खाली हैं फैकल्टी के करीब एक-तिहाई पद, सरकार ने क्या कहा?

AIIMS Staff Shortage: सरकार दावा करती है कि देशभर के एम्स में मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध है. अगर देशभर के 20 एम्स में करीब दो तिहाई पद खाली हो, तो क्या मरीजों को इलाज में कठिनाई नहीं होगी? मानसून सत्र के दौरान संसद में एक सांसद ने सवाल था कि क्या देश के अलग-अलग AIIMS में बड़ी संख्या में पद खाली हैं? सरकार की तरफ से राज्यमंत्री ने क्या जवाब दिया?

AIIMS में खाली पदों को लेकर राज्यमंत्री ने क्या कहा?

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने संसद को बताया है कि देशभर के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) में फैकल्टी के लगभग एक-तिहाई पद खाली हैं. दौसा से लोकसभा सांसद मुरारी लाल मीणा ने पूछा था कि क्या देश के अलग-अलग AIIMS में फैकल्टी और नॉन-फैकल्टी के बड़ी संख्या में मंजूर पद खाली पड़े हैं? इसका जवाब देते हुए राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि 2026-27 में, 20 AIIMS में फैकल्टी के मंजूर 6,304 पदों में से 2,181 पद खाली हैं.

नॉन-फैकल्टी में कितने पद खाली?

इसी तरह, नॉन-फैकल्टी के मंजूर 59,225 पदों में से 15,159 पद, यानी 25 प्रतिशत से ज़्यादा, खाली पड़े हैं. AIIMS के 1,313 पदों में से 877 भरे हुए हैं, जबकि 436 पद खाली हैं. नॉन-फैकल्टी पदों में, मंजूर 13,913 पदों में से 11,452 पदों पर लोग काम कर रहे हैं और 2,461 पद खाली हैं.

हालांकि, सभी 20 AIIMS में कुल मिलाकर सुधार हुआ है. फैकल्टी पदों के खाली रहने की दर 2023-24 में 39.22 प्रतिशत से घटकर 2026-27 में 34.6 प्रतिशत हो गई है. इसी तरह, नॉन-फैकल्टी पदों के खाली रहने की दर 2023-24 में 39.19 प्रतिशत से घटकर 2026-27 में 25.6 प्रतिशत हो गई है.

सरकार ने कहा है कि “पद बनाना और भर्ती करना एक लगातार चलने वाली और गतिशील प्रक्रिया है. फैकल्टी या नॉन-फैकल्टी के खाली पदों को भरना कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे कि सही/योग्य डॉक्टर/हेल्थ प्रोफेशनल का मिलना, आरक्षण रोस्टर, संस्थान की जगह इत्यादि.”

खाली पदों को भरने के लिए सरकार ने क्या कहा?

मंत्रालय ने कहा कि व मंजूर किए गए खाली पदों को तेजी से भरने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. जैसे कि हर संस्थान में फैकल्टी के चयन के लिए उनके संबंधित कानूनों के प्रावधानों के अनुसार एक स्थायी चयन समिति बनाना. नए AIIMS में नेशनल इंपॉर्टेंस के संस्थानों (INIs) और सरकारी मेडिकल कॉलेजों (GMCs) से रिटायर हो चुके फैकल्टी सदस्यों (प्रोफेसर, एडिशनल प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के स्तर पर) को 70 साल की उम्र तक कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर काम पर रखने का प्रावधान शामिल है.

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कौन-सी नई स्कीम आई?

‘विज़िटिंग फैकल्टी स्कीम’ बनाई गई है ताकि भारत में सरकारी संस्थानों या भारत के बाहर के शैक्षणिक संस्थानों में एकेडमिक पदों पर काम कर रहे प्रोफेसर, एडिशनल प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर नए AIIMS में पढ़ाने के लिए ‘विज़िटिंग फैकल्टी’ के तौर पर काम कर सकें.

अलग-अलग AIIMS में नर्सिंग ऑफिसर्स की भर्ती के लिए AIIMS दिल्ली ‘नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट’ (NORCET) आयोजित करता है. साथ ही, ग्रुप B और C के नॉन-फैकल्टी पदों पर भर्ती के लिए AIIMS दिल्ली ने 2025 में दो बार ‘कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन’ (CRE) आयोजित किया.

अलग-अलग AIIMS के लिए जूनियर रेजिडेंट्स (एकेडमिक) के चयन हेतु ‘इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंपॉर्टेंस कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट’ (INI-CET) और सीनियर रेजिडेंट्स (एकेडमिक) के चयन हेतु ‘इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंपॉर्टेंस सुपर स्पेशियलिटी’ (INI-SS) परीक्षा भी AIIMS, नई दिल्ली द्वारा साल में दो बार आयोजित की जाती है.

Last Updated on July 29, 2026 3:20 pm

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