स्कूल में नेटवर्क नहीं, ऑनलाइन हाजिरी के लिए पेड़ पर चढ़े अतिथि शिक्षक जीवन लाल कुशवाहा

टीकमगढ़ के खरों शासकीय हाई स्कूल में कमजोर मोबाइल नेटवर्क ने ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था की पोल खोल दी. नेटवर्क तलाशते हुए अतिथि शिक्षक जीवन लाल कुशवाहा को मोबाइल लेकर पेड़ पर चढ़ना पड़ा. तस्वीर ने डिजिटल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए.

टीकमगढ़ में ऑनलाइन हाजिरी के लिए पेड़ पर चढ़े शिक्षक
टीकमगढ़ में ऑनलाइन हाजिरी के लिए पेड़ पर चढ़े शिक्षक

– धीरेंद्र गुप्ता

टीकमगढ़ (Teacher climbs tree)- सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने की तस्वीर अक्सर तकनीक और पारदर्शिता से जुड़ी दिखाई देती है. लेकिन मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सामने आई एक तस्वीर इस व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है. यहां ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने के लिए एक अतिथि शिक्षक को मोबाइल लेकर पेड़ पर चढ़ना पड़ा.

मामला टीकमगढ़ के शासकीय हाई स्कूल खरों का है, जहां कमजोर मोबाइल नेटवर्क के कारण शिक्षक को स्कूल परिसर में ही बेहतर कनेक्टिविटी तलाशनी पड़ी.

नेटवर्क नहीं मिला तो पेड़ बना सहारा

सामने आई तस्वीरों में खरों शासकीय हाई स्कूल में पदस्थ अतिथि शिक्षक जीवन लाल कुशवाहा मोबाइल लेकर पेड़ पर चढ़े नजर आ रहे हैं.

बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर था. ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए शिक्षक ने पहले नेटवर्क तलाशने की कोशिश की, लेकिन जब जमीन पर कनेक्टिविटी नहीं मिली तो उन्हें पेड़ पर चढ़कर नेटवर्क पकड़ना पड़ा.

पेड़ पर पहुंचने के बाद मोबाइल में नेटवर्क आया और शिक्षक ने शिक्षक पोर्टल ऐप के जरिए अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की.

ऑनलाइन हाजिरी का सिस्टम, लेकिन नेटवर्क कहां से आए?

शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति अब ऑनलाइन शिक्षक पोर्टल ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है. इसका उद्देश्य शिक्षकों की उपस्थिति में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है.

लेकिन सवाल यह है कि जिस व्यवस्था के लिए इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क जरूरी है, वहां अगर स्कूल में नेटवर्क ही नहीं मिले तो शिक्षक क्या करें?

टीकमगढ़ के खरों स्कूल की यह तस्वीर इसी समस्या को सामने लाती है.

ग्रामीण इलाकों में तकनीक की जमीनी परीक्षा

ग्रामीण और नेटवर्क प्रभावित इलाकों में कमजोर मोबाइल कनेक्टिविटी लंबे समय से चुनौती बनी हुई है. ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी जैसी व्यवस्था लागू करने से पहले स्कूलों में पर्याप्त नेटवर्क और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है.

शिक्षकों का कहना है कि नेटवर्क की समस्या उनके नियंत्रण में नहीं है. ऐसे में तकनीकी दिक्कत के कारण समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है तो परेशानी आखिर शिक्षक को ही उठानी पड़ती है.

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तस्वीर ने बड़ा सवाल खड़ा किया

खरों स्कूल की यह तस्वीर अब चर्चा का विषय बन गई है. एक शिक्षक का पेड़ पर चढ़कर हाजिरी लगाना भले ही पहली नजर में अजीब या मजेदार लगे, लेकिन इसके पीछे ग्रामीण स्कूलों में डिजिटल व्यवस्था की एक गंभीर चुनौती छिपी है.

अगर ऑनलाइन हाजिरी जरूरी है, तो क्या सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ ऐप बनाने तक है, या फिर उन स्कूलों तक नेटवर्क पहुंचाना भी उसकी जिम्मेदारी है जहां शिक्षक उसी हाजिरी के लिए पेड़ पर चढ़ने को मजबूर हो रहे हैं?

तकनीक तभी कामयाब मानी जाएगी, जब वह जमीन पर लोगों की मुश्किल आसान करे, नई मुश्किल पैदा न करे.

Last Updated on August 18, 2026 8:28 am

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