Bhopal Murder Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 17 साल के एक लड़के की हत्या ने पुलिस के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन नाबालिग हैं. शुरुआती जांच में कथित तौर पर मानव अंग की तस्करी और करीब 2 करोड़ रुपये कमाने की साजिश का एंगल सामने आया है.
पुलिस के मुताबिक, लड़के को महज 100 रुपये देने का लालच देकर कथित तौर पर मौत के जाल में फंसाया गया था.
6 अगस्त को लापता हुआ था किशोर
मामला भोपाल के इकबाल मैदान इलाके का है. 17 साल का किशोर 6 अगस्त को अचानक लापता हो गया था.
परिवार ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला.
इसके पांच दिन बाद, 11 अगस्त को भोपाल के छोटा तालाब से एक शव बरामद हुआ. 14 अगस्त को परिवार ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर शव की पहचान की.
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी.
जांच में सामने आया 2 करोड़ रुपये का एंगल
पुलिस ने इस मामले में करीब 13 लोगों से पूछताछ की, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था.
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को कथित तौर पर एक ऐसी साजिश के संकेत मिले, जिसमें किशोर के शरीर के एक हिस्से को निकालकर उसे विदेश भेजने की योजना होने का शक है.
पुलिस को संदेह है कि किशोर को करीब 2 करोड़ रुपये कमाने के लालच से निशाना बनाया गया था. हालांकि, पुलिस अभी इस पूरे मकसद और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए जांच कर रही है.
मौत के बाद शरीर के हिस्से के साथ क्या हुआ?
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने किशोर की हत्या के बाद उसके शरीर का एक हिस्सा कथित तौर पर अलग किया.
लेकिन जब उन्हें इसका खरीदार नहीं मिला, तो उन्होंने उस हिस्से को एक झील में फेंक दिया.
पुलिस अब कथित तौर पर गायब किए गए उस हिस्से की तलाश कर रही है. कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया जा चुका है, लेकिन अभी तक वह बरामद नहीं हुआ है.
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरी साजिश के पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा था.
दूसरे 17 साल के लड़के ने भी लगाया हत्या की कोशिश का आरोप
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई.
एक अन्य 17 साल के लड़के ने आरोप लगाया कि उसकी जान लेने की कोशिश की गई थी.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या दोनों मामलों के बीच कोई कनेक्शन है और क्या दोनों घटनाओं में एक ही गिरोह की भूमिका हो सकती है.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मामले में करीब 13 लोगों से पूछताछ की गई है.
उन्होंने कहा कि पुलिस मानव अंगों को विदेश भेजने की कथित साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है.
पुलिस को बड़े रैकेट का शक
पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो कथित तौर पर इस नेटवर्क के पीछे हो सकते हैं.
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या नाबालिगों को बड़ी रकम का लालच देकर इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल किया जा रहा था.
मामले की जांच के लिए कई पुलिस टीमें बनाई गई हैं. पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ सबूत जुटाने और फॉरेंसिक जांच पर भी काम कर रही है.
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अभी आरोप साबित नहीं हुए हैं
यह मामला अभी पुलिस जांच के शुरुआती चरण में है. मानव अंगों की तस्करी और शरीर के हिस्से को विदेश भेजने की कथित योजना से जुड़े आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं.
लेकिन अगर पुलिस की आशंका जांच में सही साबित होती है, तो मामला सिर्फ एक किशोर की हत्या तक सीमित नहीं रहेगा.
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भोपाल में सामने आया यह मामला एक अलग आपराधिक साजिश है, या इसके पीछे नाबालिगों को करोड़ों रुपये का लालच देकर चलाया जा रहा कोई बड़ा नेटवर्क है?
Last Updated on August 18, 2026 12:14 pm
