Thalapathy Vijay: इन दिनों तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थालापति चर्चा में हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर उनमें ऐसा क्या है. याद कीजिए कि पहले किसी दूसरे राज्य की सरकार ने आपके नवजात को सोने की अंगूठी का उपहार दिया हो. लेकिन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की यह महत्वाकांक्षी योजना दूसरे राज्यों की सरकारों को भी सोचने पर मजबूर कर रही है. आजादी से लेकर अब तक किसी भी राज्य की सरकार ने नवजात के लिए उपहार के तौर पर ऐसी योजना लेकर नहीं आई. शायद इस वजह से देश-दुनियां में विजय थालापति के कार्यों को सराहा जा रहा है. आखिर, तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सुर्खियों में क्यों है, इसे विस्तार से जानते हैं.
‘थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’
एक ग्राम सोने की अंगूठी- हम बात कर रहे हैं ‘थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ योजना की. यह योजना तमिलनाडु के उन नवजात के लिए है, जिनका जन्म सरकारी अस्पतालों में हुआ है. राज्य सरकार इस योजना के तहत नवजातों को एक ग्राम सोने की अंगूठी दे रही है. जहां एक ओर केंद्र सरकार इस दिनों सोना खरीदने से मना रही है, वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु सरकार प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले तकरीबन 4 लाख बच्चों को सोने की अंगूठी उपहार में दे रही है. ये तो हुई नवजातों के लिए योजना. इसके अलावा भी कई ऐसी योजनाएं हैं, तो जो काबिले तारीफ हैं.
तमिलनाडु सरकार ने ISRO के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मयिलसामी अन्नादुरई को स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रम डिजाइन समिति का नया अध्यक्ष बनाया है. जो कि मून मैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर हैं. चौथी से लेकर 12वीं क्लास का सिलेबस डिजाइन करने के लिए उन्हें चुना गया है. राज्य सरकार की इस फैसले को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है.
ISRO के वैज्ञानिक डिजाइन करेंगे सिलेबस
सरकार के इस पहल की सराहना हर तरफ हो रही है. क्या देश के अन्य राज्यों के स्कूली पाठ्यक्रम में इस तैयार करने में ऐसे लोगों को नहीं चुनना चाहिए? कल्पना करिए कि आपके बच्चे जिस राज्य में पढ़ रहे हैं, वहां की शिक्षा व्यवस्था में भी अगर ऐसे लोगों को शामिल किया जाय तो क्या आपका बच्चा दुनिया में अपना नाम रोशन नहीं करेगा. लेकिन देश की शिक्षा व्यवस्था ऐसी कि आपका बच्चा डॉक्टर बनने का सपना तो देखता है, मगर परीक्षा से पहले पेपर लीक हो जाता.
छात्रों को फ्री बस यात्रा
तमिलनाडु सरकार ना सिर्फ राज्य की शिक्षा व्यवस्था का मिसाल पेश करना चाहती है, बल्कि छात्रों के लिए सरकारी बस फ्री कर दिया है. यानी राज्य के बच्चे अब मुफ्त में अपने-अपने स्कूल पहुंच सकते हैं. यह व्यवस्था स्कूल और कॉलेज दोनों में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए है. इकॉनोमिक टाइम्स के रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु में सरकारी बसों की संख्या 21,527 है. जबकि, इकॉनोमिक टाइम्स के मुताबिक, राज्य में स्कूली छात्रों की संख्या 1.25 करोड़ है.
महिलाओं के लिए खास योजना
सिंगप्पेन स्पेशल फोर्स- विजय थालापति राज्य के महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सजग हैं. उन्होंने इसके लिए ‘सिंगप्पेन स्पेशल फोर्स’ नामक योजना शुरू की है. इस योजना को 09 जून को लॉन्च किया गया. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी बसों में 55-57 लाख महिलाएं बस यात्रा करती हैं.
मंगलसूत्र और साड़ी योजना
मंगलसूत्र योजना- बेटी की शादी कि चिंता आमतौर पर उसके माता-पिता ही करते हैं, लेकिन तमिलनाडु सरकार राज्य की विवाह योग्य युवतियों की शादी के लिए 8 ग्राम सोना देने का वादा किया है. भारत सरकार के ‘राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण’ की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में अविवाहित युवतियों की संख्या 1.35 करोड़ से 1.40 के बीच है.
साड़ी योजना- सीएम थलापति ने महिलाओं को शादी में पहनने के लिए कांचीपुरम रेशमी (सिल्क) देने का वादा किया है. इसके अलावा शादी में खर्च के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाएगी.
युवाओं के लिए रोजगार और बेरोजगारी भत्ता
हर माता-पिता की इच्छा रहती है कि पढ़ाई पूरा कर लेने के बाद उसका बच्चा बेरोजगार न रहे. इस वक्त देश में युवा बेरोजगारी दर 10 से 14 प्रतिशत है. इसमें 15 से 29 वर्ष के युवा शामिल हैं. पीआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक यह स्थिति चिंताजनक है. जबकि, तमिलनाडु आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य में बेरोजगारी दर घटकर 3.5 फीसदी हो गई है.
बेरोजगारी भत्ता योजना
डिग्री धारक ग्रेजुएट्स- राज्य सरकार शिक्षित युवाओं को बेरोजगारी भत्ता के तौर पर डिग्री धारक ग्रेजुएट्स को 2000-4000 रुपये हर महीने दिया जाएगा.
बेरोजगार ग्रेजुएट्स के लिए- बेरोजगार ग्रेजुएट्स जैसे कि बीए. बीएससी, बी.कॉम, बी.ई और बी.टेक को 4,000 रुपये हर महीने दिए जाएंगे. जबकि, ITI सर्टिफिकेट धारकों को हर महीने 2,500 रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा.
ग्रेजुएट्स स्किल्ड युवाओं के लिए- स्किल 12वीं पास बेरेजगार युवाओं को भी 2,500 रुपये प्रति माह दिए जाने का प्रावधान है. जबिक, ग्रेजुएट्स स्किल्ड युवाओं को ट्रेनिंग के दौरान 10,000 रुपये प्रति माह दिया जाएगा.
निष्कर्ष
क्या आपको याद है कि आखिरी बार आपके बच्चों को सरकार की तरफ से बेरोजगारी भत्ता कब दिया गया था. देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 10वीं और 12वीं पास बेरोजगार युवाओं के लिए मजह 1,000 रुपये प्रति माह देने का प्रावधान है. जबकि, ग्रेजुएट्स को 1,500 रुपये प्रति माह आर्थिक सहायता दी जाती है. PIB की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पर शहरी युवा बेरोजगारी दर 9.2 फीसदी है. जबकि, ग्रामीण युवा बेरोजगारी दर 6.8 फीसदी है.
जनसंख्या के मामले में महाराष्ट्र दूसरा बड़ा राज्य है. यहां के 12वीं पास बेरोजगार युवाओं को 6, हजार रुपये प्रति माह बेरोगारी भत्ता दिया जा रहा है. जबकि, ITI डिप्लोमा धारकों को 8,000 रुपये प्रति माह और ग्रेजुएट्स या उच्च शिक्षा के छात्रों को 10,000 प्रति माह मिल रहे हैं. PIB के मुताबिक, यहां पर शहरी बेरोजगारी 11 प्रतिशत है. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 15 फीसदी है.
बिहार, जनसंख्या के मामले में तीसरे स्थान पर है. यहां पर 20-25 वर्ग के युवाओं को नौकरी तलाश करने के दौरान 1,000 रुपये प्रति माह बरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है. यह भत्ता सिर्फ 2 साल तक ही दिया जाएगा. PIB की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में शहरी युवा बेरोजगारी 10.8 फीसदी और ग्रामीण युवा बेरोजगारी 8.5 फीसदी है.
Last Updated on July 2, 2026 7:29 pm
