‘बूस्ट एनर्जी लेवल’ जैसे दावे ग़लत, FSSAI ने Energy Drink बनाने वाली कंपनियों को दिया नोटिस

Energy Drink बनाने वाली कंपनियों को क्यों मिला FSSAI का नोटिस?
Energy Drink बनाने वाली कंपनियों को क्यों मिला FSSAI का नोटिस?

FSSAI Energy Drink: बच्चे, नौजवान और खिलाड़ियों में एनर्जी ड्रिंक्स को लेकर काफी क्रेज है. बच्चों की जिद पर उनके माता-पिता या अभिभावक उनके हाथों में एनर्जी ड्रिंक थमा देते हैं. जबकि, नौजवान टेलीविजन और इंटरनेट के विज्ञापन के जरिए इन एनर्जी ड्रिंक्स को लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं. इसके अलावा भी अपनी एनर्जी लेवल को बढ़ाने के लिए जरुरत के हिसाब से इसका सेवन करते हैं. हाल ही में FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक्स बनाने वाली कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. अगर आपके बच्चे भी ये एनर्जी ड्रिंक्स ले रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है. आइए, जानते हैं कि फूड सेफ्टी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने किन कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और क्यों.

FSSAI ने किन एनर्जी ड्रिंक्स से मांगा जवाब

फूड सेफ्टी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI एनर्जी ड्रिंक्स बनाने वाली कंपनियों को नोटिस जारी किया है. इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नोटिस रेड बुल, मॉन्सटर एनर्जी, स्टिंग, हेल एनर्जी, पेप्सिको के एड्रेनालाईन रश, रिलायंस के कैंपा एनर्जी ड्रिंक- गोल्ड बूस्ट और कोका कोला के ब्लैक मॉन्स्टर एनर्जी को जारी किया गया है.

क्यों जारी किया गया है नोटिस?

FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक्स वाली कंपनियों के दावे पर आपत्ति जताई है, जिसमें ‘बूस्ट एनर्जी लेवल’, ‘इनहैन्स फोकस’, ऐड-इन जेनरल विकनेस जैसे दावे किए जा रहे थे. FSSAI के अनुसार, इन एनर्जी ड्रिंक्स के लेवलिंग और ब्रांडिंग को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे नियमों के खिलाफ हैं. हालांकि, इन FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक्स के उत्पादों पर प्रतिबंध नहीं लगाया है. मगर नोटिस जारी कर कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. FSSAI आगे की कार्रवाई, जांच और कंपनियों से जवाब मिलने के बाद करेगी.

किन-किन देशों की है कंपनियां?

Monster Energy (मॉन्स्टर एनर्जी), Sting Energy (स्टिंग एनर्जी) और एड्रेनालाईन रश (Adrenaline rush) अमेरिका की कंपनियां हैं. जबकि,Red Bull (रेड बुल) ऑस्ट्रेलिया की, हेल एनर्जी (Hell Energy) हंगरी की और कैंपा एनर्जी (Campa Energy) ड्रिंक भारत की है, जिसकी पैरेंट कंपनी रिलायंस है.

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71 फीसदी युवा लेते हैं एनर्जी ड्रिंक्स

ASSOCHAM के सर्वे के अनुसार, भारत के शहरी इलाकों में 71 फीसदी युवा (13 से 30 वर्ष) ये एनर्जी ड्रिंक्स लेते हैं. जबकि, NIN के एक सर्वे में पाया गया कि तकरीबन 47 फीसदी छात्र इनका सेवन करते हैं. हालांकि, यह आंकड़ा पूरे बच्चों का नहीं है.

Last Updated on July 7, 2026 11:05 am

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