Jammu: किश्तवाड़ में नाबालिग छात्रा की मौत, शिक्षक पर Rape और गर्भपात कराने के गंभीर आरोप

किश्तवाड़ में एक नाबालिग छात्रा की मौत के बाद गंभीर आरोपों ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. परिवार और ग्रामीणों की ओर से शिक्षक पर दुष्कर्म और गर्भपात कराने के प्रयास के आरोप लगाए गए हैं. घटना के बाद गांव में आक्रोश है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है. हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी.

12 साल की बच्ची की मौत ने झकझोरा किश्तवाड़
12 साल की बच्ची की मौत ने झकझोरा किश्तवाड़

– रजनीश परिहान

Minor Student Raped: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से सामने आए एक बेहद गंभीर मामले ने बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों में शिक्षकों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक नाबालिग छात्रा की गर्भावस्था के बाद उसे मेडिकल टर्मिनेशन के लिए ले जाते समय मौत हो गई. मामले में एक सरकारी स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है. पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

छात्रा की मौत के बाद मचा हड़कंप

मामला किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके का बताया जा रहा है. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा गर्भवती थी और गर्भावस्था समाप्त करने के लिए उसे किश्तवाड़ से डोडा रेफर किया जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई.

पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर एक स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के मुताबिक, जांच का मकसद गर्भावस्था, बच्ची की मौत और उससे जुड़े दूसरे पहलुओं की पूरी स्थिति स्पष्ट करना है.

शिक्षक पर लगे बेहद गंभीर आरोप

मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि आरोपी शिक्षक पर नाबालिग छात्रा के साथ कथित यौन शोषण से जुड़े आरोप हैं.

कुछ स्थानीय रिपोर्टों में आरोपी की पहचान खालिद हुसैन के रूप में की गई है, जिसे सरकारी स्कूल का हेडमास्टर बताया गया है. एक अन्य व्यक्ति, उसके भाई तारिक हुसैन, को भी मामले में आरोपी बनाए जाने और गिरफ्तार किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है. FIR से जुड़े विवरणों में छात्रा के साथ कथित बार-बार यौन शोषण, गर्भावस्था और बाद में गर्भावस्था समाप्त करने के लिए कथित तौर पर दवा दिए जाने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है.

हालांकि, इन आरोपों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए. इनके सही होने का अंतिम फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा.

मौत कैसे हुई, इसकी जांच जारी

पुलिस के मुताबिक, छात्रा को गर्भावस्था समाप्त करने से जुड़े इलाज के लिए डोडा ले जाया जा रहा था. लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई.

मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मेडिकल और फॉरेंसिक प्रक्रिया के तहत जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची की गर्भावस्था किन परिस्थितियों में हुई, उसे इलाज के लिए क्यों ले जाया गया और उसकी मौत के लिए कौन-कौन से कारण जिम्मेदार थे.

इलाके में गुस्सा और विरोध

घटना की खबर फैलने के बाद छत्रू और आसपास के इलाकों में लोगों में भारी नाराजगी की खबर है. स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मामले की तेज और निष्पक्ष जांच की मांग की है.

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, विरोध में बाजार बंद रखा गया और लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. पुलिस की ओर से FIR दर्ज होने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी लोगों का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए. (JK

सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं

यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी तक सीमित नहीं है. यह सवाल भी सामने रखता है कि स्कूल जाने वाली बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था कितनी मजबूत है.

जिस शिक्षक पर बच्चों को पढ़ाने और उनका मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी होती है, अगर उसी पर इतना गंभीर आरोप लगता है, तो स्कूलों में शिकायत तंत्र, निगरानी और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

लेकिन इस मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि आरोपों और साबित तथ्यों के बीच फर्क रखा जाए. जांच निष्पक्ष हो, पीड़ित परिवार को न्याय मिले और अगर आरोप साबित होते हैं तो कानून के तहत कठोर कार्रवाई हो.

दूसरा मामला: SMVDU की स्टाफ बस दुर्घटनाग्रस्त

इसी बीच जम्मू जिले के झज्जर कोटली इलाके के पास शुक्रवार को श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी (SMVDU) की स्टाफ बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे में कम से कम 15 लोग घायल हुए हैं.

एक अधिकारी के मुताबिक, बस के ब्रेक फेल होने के कारण हादसा होने की बात सामने आई है. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. मामले में विस्तृत जानकारी का इंतजार है.

अब सबसे बड़ा सवाल

किश्तवाड़ की घटना में एक नाबालिग की जान चली गई और एक शिक्षक समेत आरोपियों पर गंभीर आरोप हैं. दूसरी तरफ झज्जर कोटली में विश्वविद्यालय की स्टाफ बस हादसे का शिकार हुई और 15 लोग घायल हुए.

ये भी पढ़ें- ‘एक महीने से छर्रे शरीर में हैं, फिर भी FIR के लिए 8 घंटे लगे’—साहिल मामले पर Rahul Gandhi का हमला

लेकिन किश्तवाड़ का मामला एक ज्यादा गहरा सवाल छोड़ जाता है – जिस स्कूल में बच्चे सुरक्षित महसूस करें, वहां अगर उन्हीं बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हों, तो जिम्मेदारी सिर्फ आरोपी व्यक्ति तक सीमित होगी या उस पूरी व्यवस्था की भी जांच होगी, जिसने बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की?

अब असली परीक्षा पुलिस जांच की है – क्या इस मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून उतनी ही मजबूती से कार्रवाई करेगा?

Last Updated on August 21, 2026 8:53 pm

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *