Mirabai Chanu Interview: ग्लासगो में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने के बाद वेटलिफ्टिंग स्टार मीराबाई चानू रविवार को भारत लौटीं. इससे पहले उन्होंने 2014 में सिल्वर मेडल जीता था. मीराबाई चानू 12 साल बाद उसी शहर में भारत के सबसे सफल वेटलिफ्टरों में से एक बनीं.
भारत लौटने पर उन्होंने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान मीराबाई चानी ने अपनी कामयाबी का श्रेय विजय शर्मा को दिया. उन्होंने कहा कि कॉम्पिटिशन के दौरान विजय सर हमारे गाइड रहे हैं. खेल जगत में इन दिनों मीराबाई चानू की खूब चर्चा हो रही है.
ऐसे में आइए जानते हैं कि वह टीम के लिए खास क्यों हैं, खिलाड़ियों और कोच की मददगार कैसे बनीं, खिलाड़ियों को मोटिवेट क्यों करती हैं, नई पीढ़ि के वेटलिफ्टर्स के लिए क्या कर रहीं और आने वाले एशियन गेम्स को लेकर उनके कोच ने क्या कहा.
टीम के लिए खास क्यों हैं मीराबाई चानू?
मीराबाई चानू सिर्फ खुद मेडल जीतने पर ध्यान नहीं देतीं, बल्कि अपने साथी खिलाड़ियों की भी हर संभव मदद करती हैं. उनका कहना है कि दूसरों को अच्छा प्रदर्शन करते देख उन्हें खुशी मिलती है. यही वजह है कि वह प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाती हैं और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं.
कैसे बनीं खिलाड़ियों और कोच की मददगार?
मीराबाई ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के पूरे टूर्नामेंट में हेड कोच विजय शर्मा टीम का मार्गदर्शन कर रहे थे. वह भी उनके साथ रणनीति बनाने में मदद करती थीं. टीम में मणिपुर के कई खिलाड़ी थे, जिन्हें भाषा समझने में दिक्कत होती थी. मीराबाई उनकी भाषा जानती हैं, इसलिए वह कोच की बातें खिलाड़ियों तक आसानी से पहुंचाती थीं. इस तरह मीराबाई चानू कोच के लिए मददगार बनीं.
खिलाड़ियों को मोटिवेट क्यों करती हैं मीराबाई?
मीराबाई चानू का मानना है कि साथी खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाना बहुत जरूरी है. उनका कहना है कि अगर उनके अनुभव और प्रोत्साहन से कोई खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करता है, तो यह उनके लिए भी गर्व की बात होती है. ऐसा करने से उनका अपना आत्मविश्वास भी बढ़ता है.
मीराबाई चानू की मौजूदगी से कैसे बढ़ता है टीम का हौसला?
हेड कोच विजय शर्मा ने बताय कि मीराबाई देश की सबसे बड़ी वेटलिफ्टर्स में से एक हैं. युवा खिलाड़ी उन्हें अपना आदर्श मानते हैं. जब मीराबाई उन्हें सलाह देती हैं या उनका उत्साह बढ़ाती हैं. टीम पर इसका सकारात्मक असर देखने को मिलता है.
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नई पीढ़ी की वेटलिफ्टर्स के लिए क्या कर रहीं?
मीराबाई और कोच विजय शर्मा ने मिलकर ‘वेटलिफ्टिंग वॉरियर्स’ एकेडमी शुरू की है. यहां खास तौर पर महिला वेटलिफ्टर्स को ट्रेनिंग दी जाती है. मीराबाई अपने अनुभव साझा करती हैं और खिलाड़ियों को बताती हैं कि मुश्किल हालात में कैसे आगे बढ़ना है.
एशियन गेम्स को लेकर मीराबाई ने क्या कहा?
मीडिया से बतचीत के क्रम में मीराबाई ने कहा कि उन्होंने लगभग हर बड़े टूर्नामेंट में मेडल जीता है, लेकिन एशियन गेम्स का मेडल अभी भी उनके पास नहीं है. ऐसे में अब उनका पूरा ध्यान उसी पर है. 2023 के एशियन गेम्स में वह चौथे स्थान पर रही थीं और अब अगली बार इस कमी को पूरा करना चाहती हैं.
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कैसे बढ़ी एशियन गेम्स में मेडल की उम्मीद?
कोच विजय शर्मा का कहना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई ने 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया. एशियन गेम्स में उन्हें अपने पसंदीदा 49 किलोग्राम वर्ग में खेलने का मौका मिलेगा. ऐसे में उन्हें पूरा भरोसा है कि मीराबाई वहां भी पदक जीतने में सफल रहेंगी.
कब और कहां होगा 20 वां एशियन गेम्स?
अगला और 20वां एशियन गेम्स जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक होगा. इस एशियन गेम्स में मीराबाई चानू भी हिस्सा लेंगी.
Last Updated on August 3, 2026 2:34 pm
