114 दिन से महिलाएं सड़क पर, क्यों नहीं हटी शराब दुकान? कलेक्ट्रेट पहुंचीं MLA

114 दिनों से महिलाएं सड़क पर हैं, मांग सिर्फ इतनी है कि उनके इलाके की शराब दुकान हटाई जाए. मंगलवार को मामला तब और गरमा गया, जब विधायक अनुभा मुंजारे खुद आम फरियादियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं. उन्होंने कलेक्टर से कहा- ‘आपसे आस है सर.’ लेकिन आखिर ऐसी क्या वजह है कि महीनों के विरोध और शिकायतों के बाद भी दुकान नहीं हटी? अब कलेक्टर के निर्देश के बाद क्या बदलेगा?

शराब दुकान हटाने को 114 दिन से महिलाएं धरने पर
शराब दुकान हटाने को 114 दिन से महिलाएं धरने पर
  • धीरेंद्र गुप्ता

MP Liquor shop protest,: बालाघाट में शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर 114 दिनों से धरने पर बैठी महिलाओं का मुद्दा मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में फिर जोरदार तरीके से उठा. खास बात यह रही कि महिलाओं के समर्थन में खुद बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे कलेक्ट्रेट पहुंचीं और आम फरियादियों के साथ कतार में खड़ी होकर कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की.

विधायक ने जनप्रतिनिधियों के लिए आरक्षित मंच पर बैठने के बजाय खुद को आम नागरिक और जनसेवक बताते हुए फरियादियों के साथ अपनी बात रखी. उन्होंने बूढ़ी क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे शराब दुकान विरोधी आंदोलन का मुद्दा कलेक्टर कुमार सत्यम के सामने रखा.

114 दिनों से सड़क पर महिलाएं

बूढ़ी क्षेत्र की महिलाएं पिछले 114 दिनों से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं. महिलाओं का कहना है कि शराब दुकान की वजह से इलाके का माहौल खराब हो रहा है और इसका असर उनके परिवार और बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है.

दरअसल, अप्रैल में शराब दुकानों के नए आवंटन के दौरान मोतीनगर, भटेरा और बूढ़ी की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हुआ था. विरोध और जनदबाव के बाद मोतीनगर और भटेरा की दुकानें दूसरी जगह स्थानांतरित कर दी गईं, लेकिन बूढ़ी की दुकान अब भी उसी जगह संचालित हो रही है.

यही वजह है कि महिलाओं का धरना लगातार जारी है.

विधायक बोलीं- बच्चों का भविष्य बचाना है

जनसुनवाई में विधायक अनुभा मुंजारे ने कलेक्टर को बताया कि महिलाओं की मांग सिर्फ शराब दुकान हटाने तक सीमित नहीं है. उनका कहना है कि वे अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना चाहती हैं और अपने मोहल्ले का माहौल बेहतर बनाना चाहती हैं.

विधायक ने आरोप लगाया कि दुकान हटाने की मांग के बावजूद अब तक कोई ठोस प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. महिलाओं की ओर से शराब बिक्री को लेकर जबरन प्रयास किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं. विधायक के मुताबिक, महिलाओं के पास इससे जुड़े फोटो और वीडियो भी मौजूद हैं.

पहले भी की गई शिकायतें

विधायक ने बताया कि इस मामले को लेकर पूर्व कलेक्टर मृणाल मीना से भी कई बार चर्चा की गई थी. उस दौरान शराब दुकान को कुछ समय के लिए दूसरी जगह स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भी सामने आया था, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका.

विधायक के मुताबिक, सांसद, नगर पालिका अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि भी महिलाओं की मांग के समर्थन में हैं. जिले के प्रभारी मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को भी इस संबंध में दो बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है. इसके बावजूद दुकान अभी तक अपने स्थान से नहीं हटाई गई.

कलेक्टर से बोलीं विधायक- ‘आपसे आस है सर’

जनसुनवाई के दौरान विधायक ने नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम से भावुक अपील करते हुए कहा, “आपसे आस है सर, कृपया इस दुकान को तुरंत हटवाएं ताकि बूढ़ी का माहौल ठीक हो सके.”

विधायक ने कहा कि यह सिर्फ उनकी मांग नहीं है, बल्कि उन महिलाओं की आवाज है जो पिछले 114 दिनों से अपने परिवार और बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रही हैं.

कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए तत्काल निर्देश

विधायक की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर कुमार सत्यम ने मामले को गंभीरता से लिया और अधिकारियों को शराब दुकान से जुड़ी फाइल तत्काल मंगाने के निर्देश दिए. उन्होंने मौजूदा स्थिति की विस्तृत समीक्षा करने को कहा.

कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि महिलाओं के धरने और जनप्रतिनिधियों की मांग को प्राथमिकता से लेते हुए मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

‘नशे से दूरी’ अभियान पर भी जोर

कलेक्टर ने कहा कि सरकार के ‘नशे से दूरी’ अभियान को सफल बनाने के लिए यह देखना जरूरी है कि ऐसे स्थानों पर शराब दुकानें संचालित न हों, जहां स्थानीय स्तर पर लगातार विरोध हो रहा है.

जनसुनवाई के बाद विधायक अनुभा मुंजारे ने फिर कहा कि वह यहां सिर्फ विधायक के तौर पर नहीं, बल्कि एक आम नागरिक और जनसेवक के रूप में आई थीं. उन्होंने साफ किया कि जब तक बूढ़ी की महिलाएं धरने पर बैठी हैं, वह भी उनके साथ खड़ी रहेंगी.

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उन्होंने कहा कि ‘नशे से दूरी’ का नारा तभी सार्थक होगा, जब नशे को पहले अपने घर और मोहल्ले से दूर किया जाए.

अब कलेक्टर के निर्देश के बाद 114 दिनों से जारी इस धरने पर प्रशासन क्या फैसला लेता है और बूढ़ी की विवादित शराब दुकान को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर है.

Last Updated on August 4, 2026 8:43 pm

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