Siddhivinayak Temple के 18 करोड़ कहां गए? राज ठाकरे के आरोपों से गरमाई सियासत

मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर के चढ़ावे को लेकर 18 करोड़ रुपये का दावा अब बड़े सवालों के घेरे में है. राज ठाकरे के आरोपों के बाद महाराष्ट्र सरकार ने ट्रस्ट से वित्तीय रिपोर्ट मांगी है. लेकिन कहानी में एक और मोड़ है. ट्रस्ट का कहना है कि ऑडिट की मांग आरोपों से महीनों पहले ही की गई थी. आखिर दानपेटी से गायब नकदी और 18 करोड़ के दावे के बीच क्या कड़ी है?

सिद्धिविनायक के चढ़ावे में खेल?
सिद्धिविनायक के चढ़ावे में खेल?

महाराष्ट्र के कानून एवं न्याय विभाग ने सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट (Siddhivinayak Temple Trust) से एक विस्तृत वित्तीय रिपोर्ट मांगी है. यह कदम महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के उस आरोप के बाद उठे राजनीतिक विवाद के बीच आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मुंबई के प्रतिष्ठित मंदिर से हर साल 18 करोड़ रुपये के चढ़ावे की हेराफेरी की जा रही है. हालांकि, ट्रस्ट ने कहा कि विभाग की यह कार्रवाई उसके अपने अनुरोध पर शुरू की गई थी. ट्रस्ट ने मई में ही व्यापक ऑडिट कराने का अनुरोध किया था, यानी आरोप सामने आने से कई महीने पहले.

ट्रस्टी राहुल लोंढे ने सोमवार को कहा, “कानून एवं न्याय विभाग ने ट्रस्ट प्रशासन से एक रिपोर्ट सौंपने को कहा है. उस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी.”

यह घटनाक्रम महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (MNVS) के 20वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे के 1 अगस्त को दिए गए बयान के बाद सामने आया. राज ठाकरे ने दावा किया था कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को संबोधित एक पत्र में आरोप लगाया गया है कि मंदिर से हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी की जा रही है.

इस आरोप को खारिज करते हुए ट्रस्ट ने कहा कि शिंदे को ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा गया था. इसके बजाय, ट्रस्ट ने बताया कि उसके न्यासियों ने मई 2026 में कानून एवं न्याय विभाग से मंदिर को प्राप्त चंदे का व्यापक ऑडिट कराने का अनुरोध किया था. ट्रस्ट के अध्यक्ष और राज्य मंत्री सदा सरवणकर ने कहा कि चंदे के संग्रह में विसंगतियां सामने आने के बाद न्यासियों ने ही सबसे पहले अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी.

सरवणकर ने कहा, “मैंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और उसके प्रमुख विश्वास नांगरे पाटील से शिकायत की थी, जिसके बाद मंदिर में अधिकारियों को तैनात किया गया.”

ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर के एक कर्मचारी राजेंद्र पेंडुरकर को कथित तौर पर चंदे की रकम चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद मार्च में आठ और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. सरवणकर ने आरोप लगाया कि सभी आरोपियों के संबंध शिवसेना (UBT) से हैं. हालांकि, पार्टी की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

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कथित चोरी का मामला पहली बार 20 मार्च को सामने आया, जब मंदिर प्रशासन ने एक दानपेटी से नकदी गायब होने की बात नोटिस की.

शुरुआत में दादर पुलिस ने 10,000 रुपये की चोरी के मामले में FIR दर्ज की. जांच के दौरान पुलिस ने 80,000 रुपये बरामद किए.

जांचकर्ताओं के मुताबिक, CCTV फुटेज में कुछ लोगों को करीब 10 दिनों की अवधि में बार-बार एक छोटी दानपेटी से नकदी निकालते हुए देखा गया.

पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया और आरोपपत्र दाखिल कर दिया है. सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.

Last Updated on August 4, 2026 9:19 am

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