Live Samadhi Stunt: हरियाणा के नूंह जिले में ‘लाइव समाधि’ स्टंट दर्दनाक हादसे में बदल गया. 27 साल के सर्कस कलाकार दीपक की ‘लाइव समाधि’ स्टंट के दौरान मौत हो गई. बताया जा रहा है कि वह तीन दिन तक जमीन के नीचे दबा रहा और बाहर निकालने पर उसकी सांसें थम चुकी थीं. आखिर स्टंट आर्टिस्ट इतनी देर तक जमीन के नीचे क्यों रहा, नट समुदाय के आर्टिस्ट ऐसे करतब करने के लिए मजबूर क्यों हैं और मामले पर पुलिस ने क्या कहा? आइए, पूरा मामला समझने की कोशिश करते हैं.
‘लाइव समाधि’ स्टंट क्यों बना जानलेवा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 जुलाई को नूंह जिले के खोरी गांव में दीपक ने ‘लाइव समाधि’ नाम का स्टंट शुरू किया. इस करतब में कलाकार को जूट की बोरी में लपेटकर मिट्टी के नीचे दफना दिया जाता है और बाद में जिंदा बाहर निकालने का दावा किया जाता है. लेकिन, इस बार दीपक को तीन दिन तक बाहर नहीं निकाला गया. 26 जुलाई को जब उसे निकाला गया तो वह बेहोश था. जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
3 दिन तक जमीन के नीचे क्यों रहा आर्टिस्ट?
दीपक के साथ कला दिखाने वाले एक कलाकार का दावा है कि इस बार उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं हो रही थी. इसलिए दर्शकों से ज्यादा पैसे जुटाने के लिए स्टंट की अवधि बढ़ा दी गई. आमतौर पर यह करतब 18 से 24 घंटे तक चलता था, लेकिन इस बार इसे तीन दिन तक जारी रखा गया. इस वजह से उसकी मौत हो गई.
क्या होता है ‘लाइव समाधि’ स्टंट?
इस स्टंट में कलाकार को पहले करतब दिखाकर भीड़ जुटानी होती है. इसके बाद उसे जूट की बोरी में लपेटकर मिट्टी के नीचे दफना दिया जाता है. सांस लेने के लिए बोरी में छोटे-छोटे छेद किए जाते हैं और ऊपर की मिट्टी में पतली लकड़ियां लगाई जाती हैं, ताकि हवा अंदर पहुंच सके. हालांकि यह व्यवस्था सिर्फ सीमित समय तक ही सुरक्षित मानी जाती है.
दीपक का परिवार इस काम के खिलाफ क्यों था?
दीपक के बड़े भाई सुनेत भी पहले यही स्टंट किया करते थे. उन्होंने करीब 15 साल तक ऐसे करतब किए, लेकिन खतरे को देखते हुए दो साल पहले यह काम छोड़ दिया. परिवार लंबे समय से दीपक को भी यह पेशा छोड़ने के लिए कह रहा था, लेकिन वह जीवनयापन के लिए इस काम से जुड़ा रहा.
नट समुदाय क्यों करता है खतरनाक करतब?
दीपक नट समुदाय से था. उसकी कई पीढ़ियां गांव-गांव घूमकर करतब दिखाकर अपना गुजारा करती रही हैं. लेकिन अब मोबाइल फोन, इंटरनेट और डिजिटल मनोरंजन के बढ़ते प्रभाव के कारण ऐसे पारंपरिक खेल देखने वालों की संख्या तेजी से घट गई है. कमाई कम होने से कलाकारों पर ज्यादा रोमांचक और जोखिम भरे करतब दिखाने का दबाव बढ़ गया है.
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कमाई का संकट कितना बड़ा है?
स्थानीय लोगों के अनुसार, पूरे दिन प्रदर्शन करने के बाद एक मंडली को सिर्फ 1,500 से 2,000 रुपये तक ही मिल पाते हैं. यह रकम भी कई परिवारों में बंट जाती है. ऐसे में कलाकार दर्शकों को आकर्षित करने के लिए जान जोखिम में डालने वाले स्टंट करने को मजबूर हो रहे हैं.
पुलिस और प्रशासन ने क्या कहा?
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आई है. फिलहाल किसी साजिश या आपराधिक लापरवाही की शिकायत दर्ज नहीं हुई है. वहीं, जिला प्रशासन ने कहा है कि बिना अनुमति ऐसे जानलेवा सार्वजनिक प्रदर्शन की इजाजत नहीं है. मामले की जांच की जाएगी.
Last Updated on August 2, 2026 11:48 am
