SC ने Sonam Raghuwanshi की जमानत रद्द की, कब तक करना होगा कोर्ट में सरेंडर?

Sonam Raghuvanshi Bail Rejected: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है. साथ ही 2-3 हफ्तों में ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने को कहा है. इससे पहले उन्हें हाई कोर्ट ने जमानत दी गई थी.

SC ने Sonam Raghuwanshi की जमानत रद्द की, कब तक करना होगा कोर्ट में सरेंडर?
SC ने Sonam Raghuwanshi की जमानत रद्द की, कब तक करना होगा कोर्ट में सरेंडर?

Sonam Raghuvanshi Bail Rejected: गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका रद्द कर दी है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को 3 हफ्ते के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोनम फिलहाल जमानत पर बाहर रहती हैं, तो इससे चल रहे ट्रायल पर असर पड़ सकता है. ऐसे में उनकी जमानत रद्द की जाती है. सोनम पर अपने पति की हत्या की साजिश का आरोप है. उन्होंने मई 2025 में मेघालय में हनीनूम के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी.

हाई कोर्ट ने सोनम को पहले क्यों दी थी जमानत?

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मेघालय सरकार की अपील पर आया. सरकार ने मेघालय हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी. उस वक्त हाई कोर्ट ने कहा था कि सोनम की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारी की वजह सही तरीके से नहीं बताई थी. इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए.

सुनवाई के दौरान SC ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोनम के सामने दो विकल्प रखे थे. पहला कि वह सरेंडर कर दें, ताकि ट्रायल के दौरान गवाहों के बयान बिना किसी दबाव के दर्ज हो सकें. जबकि दूसरा कि वह मेघालय सरकार की अपील का कानूनी तौर पर मुकाबला करें और यह साबित करने की कोशिश करें कि उन्हें जमानत मिलनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी के वकील से कहा कि उनके (सोनम रघुवंशी) पास दो रास्ते हैं. एक यह कि कोर्ट मामले की पूरी सुनवाई कर जमानत पर फैसला दे. दूसरा यह कि सोनम पहले सरेंडर कर दें, ताकि सरकारी गवाह बिना किसी दबाव के अपने बयान दे सकें. इसके बाद कोर्ट जमानत पर अंतिम फैसला करेगा. जजों ने यह भी कहा कि सरेंडर करना सोनम के लिए बेहतर विकल्प होगा.

सॉलिसिटर जनरल ने क्यों किया जमानत का विरोध?

वहीं, मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोनम की जमानत का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सोनम ने खुद पुलिस के सामने सरेंडर किया था, इसलिए बाद में यह नहीं कह सकतीं कि उन्हें गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई गई. उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि गिरफ्तारी मेमो में गलत धारा लिखी गई थी. हत्या से जुड़ी सही धारा 103(1) की जगह गलती से 403(1) लिख दिया गया था.

यह भी पढ़ें: डॉक्टर पति की हत्या, बेटे को चाकू गोदकर किया घायल; लाश के पास बखौफ फोन चलाती रही महिला

पूरा मामला क्या है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनम और राजा रघुवंशी की शादी बीते साल 11 मई को इंदौर में धूमधाम से हुई थी. शादी के 9 दिन बाद यानी 20 मई 2025 को हनीमून के लिए दोनों मेघालय के लिए रवाना हुए. कहा जाता है कि 23 जून को सोनम ने शिलॉन्ग के डोंगरिया घाट घूमने गए, जहां पहले से मौजूद तीन कॉन्ट्रैक्ट किलरों ने राजा रघुवंशी की हत्या कर दी.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स बताते हैं कि राजा रघुवंशी की हत्या करवाने के लिए सोनम ने किराए पर शूटर मंगवाए थे. शूटरों ने राजा के सिर पर वार कर उसका शव खाई में फेंक दिया. इसके बाद पुलिस ने 2 जून को बेहब डॉग वाटर फॉल के पास राजा का शव बरामद दिया.

राजा के शव की पहचान उसके हाथ पर बने टैटो से हुई. इसके बाद 09 जून को यूपी के गाजीपुर के एक ढावे सोनम ने आत्मसमर्पण किया. पुलिस जांच के मुताबिक, सोनम रधुवंशी शादी से खुश नहीं थी. वह अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ रहना चाहती थी.

Last Updated on July 23, 2026 4:29 pm

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *