E20 Petrol को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित भ्रामक दावों पर नागपुर साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत चार इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है. आरोप है कि इन लोगों ने वीडियो के जरिए दावा किया कि E20 पेट्रोल से वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं और इसके लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जिम्मेदार ठहराया. पुलिस का यह भी आरोप है कि वीडियो में पेट्रोल में अवैध तरीके से अन्य पदार्थ मिलाने जैसे तरीकों को बढ़ावा दिया गया. फिलहाल मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
क्या है पूरा मामला?
नागपुर साइबर पुलिस के अनुसार, चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया. जांच एजेंसियों का कहना है कि इन वीडियो में E20 पेट्रोल के बारे में भ्रामक जानकारी साझा की गई और ऐसे तरीके बताए गए जो कानून के खिलाफ माने जा सकते हैं.
Case against four social media influencers for spreading misleading information on BJP leader Minister Nitin Gadkari and ethanol-blended (E20) petrol on social media. Manish Kashyap, Desi Boyser, Harshit Rathi and Anklesh Invatee. The case was registered on the basis of a… pic.twitter.com/5MZPjtCVdj
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) July 14, 2026
क्या है E20 पेट्रोल नीति?
भारत सरकार की E20 नीति के तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है. यह एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने से तैयार किया जाता है. सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पहले भी कह चुके हैं कि व्यापक परीक्षण के बाद E20 ईंधन को सुरक्षित पाया गया है और यह पुराने वाहनों पर भी परीक्षण के बाद लागू किया गया है.
फिर विवाद क्यों हो रहा है?
सरकार के दावों के बावजूद कुछ वाहन मालिकों ने शिकायत की है कि विशेषकर 2020 से पहले बने वाहनों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद माइलेज कम हुआ है और इंजन से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं. इन शिकायतों के चलते E20 ईंधन को लेकर बहस तेज हो गई है.
इसी मुद्दे पर विपक्ष के कुछ नेताओं, जिनमें अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं, ने उपभोक्ताओं के लिए शुद्ध पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने की मांग उठाई है.
जांच जारी
फिलहाल नागपुर साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और उनसे जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है. मामले में अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
Last Updated on July 15, 2026 10:16 am
