JPSC Paper Leak Protest: देश में एक के बाद एक परीक्षा पेपर लीक से जुड़ी खबरें सामने आ रही है. नया मामला झारखंड से जुड़ा हुआ है. बताया जा रहा है कि पेपर लीक के विरोध में छात्र विधानसभा का घेराव करने की तैयारी कर रहे हैं. आखिर छात्र झारखंड में किस पेपर लीक का विरोध कर रहे हैं? प्रदर्शनकारियों की मांग क्या है? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा? और पूरा मामला क्या है?
झारखंड में कब शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन?
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. 25 जुलाई से रांची में शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब राज्यव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है. छात्र 6 अगस्त को विधानसभा तक मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं. उनका कहना है कि सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरी भर्ती व्यवस्था में सुधार की जरूरत है.
छात्र किस परीक्षा पेपर लीक का कर रहे विरोध?
झारखंड के विभिन्न जिलों से सैकड़ों छात्र रांची में जुटे हैं. उनका आरोप है कि हाल की सरकारी भर्ती परीक्षाओं, खासकर JPSC परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताएं हुईं. इस मामले में अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और JPSC के चेयरमैन एल. खियांगटे ने इस्तीफा भी दे दिया है. छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि वर्षों से भर्ती प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों का नतीजा है.
कैसे शुरू हुआ आंदोलन?
यह प्रदर्शन 25 जुलाई को रांची की बापू वाटिका में छोटी सभा के रूप में शुरू हुआ था. बाद में 29 जुलाई को महा आंदोलन और संविधान मार्च के आह्वान के बाद यह बड़ा जनआंदोलन बन गया. करीब 5,000 छात्र संविधान की प्रतियां और तिरंगा लेकर शांतिपूर्वक रांची की सड़कों पर उतरे. इसके बाद से आंदोलन लगातार जारी है.
प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग क्या है?
- भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता से हों
- पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बने
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो
- भर्ती और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं
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मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि पेपर लीक मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, प्रदर्शनकारी सरकार के इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि स्थायी सुधार जरूरी है.
आंदोलन में किसका मिल रहा है समर्थन?
प्रदर्शन में छात्रों के अलावा कई सामाजिक संगठनों, अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिक समाज के लोगों का भी समर्थन मिल रहा है. आंदोलन स्थल पर स्थानीय लोग खाने-पीने का सामान, पानी, रेनकोट और अन्य जरूरी चीजें पहुंचा रहे हैं. आर्थिक मदद के लिए डोनेशन बॉक्स भी रखा गया है.
आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखने की कोशिश
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस आंदोलन को पूरी तरह गैर-राजनीतिक रखना चाहते हैं. प्रदर्शन के दौरान छात्र सिर्फ तिरंगा और संविधान की प्रतियां लेकर शामिल हो रहे हैं. उनका कहना है कि यह छात्रों के भविष्य का आंदोलन है और इसे किसी राजनीतिक दल से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
बारिश और सुविधाओं की कमी बनी चुनौती
लगातार बारिश की वजह से प्रदर्शनकारियों को काफी परेशानी हो रही है. छात्रों का कहना है कि उन्हें बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं. कई छात्र रात में मंच पर ही रुकते हैं, जबकि कुछ को रांची के स्थानीय लोगों ने अपने घरों और किराये के कमरों में ठहरने की जगह दी है.
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आगे क्या होगा?
आंदोलनकारी छात्रों ने 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक मार्च करने का ऐलान किया है. उनका कहना है कि जब तक भर्ती व्यवस्था में पारदर्शी सुधार नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
Last Updated on August 1, 2026 7:22 pm
